Delhi: दिल्ली यातायात पुलिस ने नए साल की पूर्व संध्या पर नशे में गाड़ी चलाने के लिए 868 चालान काटे गए, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 56 प्रतिशत ज्यादा हैं। पिछले साल 558 वाहन चालकों के चालान हुए थे। ट्रैफिक के अधिकारी ने गुरुवार को ये जानकारी दी। दिल्ली यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "56 प्रतिशत की ये बढ़ोतरी त्योहारों के दौरान पूरे राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक कर्मियों की कड़ी कार्रवाई और ज्यादा तैनाती को दिखाती है।"
उन्होंने कहा कि नशे में गाड़ी चलाने, तेज रफ्तार, मोटरसाइकिल स्टंट और दूसरे खतरनाक उल्लंघनों को रोकने के लिए मुख्य सड़कों, नाइटलाइफ हब और रिहायशी इलाकों में खास टीमें तैनात की गई थीं। पूरी रात कई पुलिस नाके पर ब्रेथलाइजर टेस्ट किए गए, जिसमें टीमें जगह बदलती रहीं ताकि वाहन चालक जांच से बच न सकें।
पुलिस ने बताया कि इस पुलिस जांच को बड़े पैमाने पर सीसीटीवी सर्विलांस और जिला कंट्रोल रूम के बीच रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन से सहयोग मिला, ताकि भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी जा सके और किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि यातायात नियमों को लागू करने के अलावा, दिल्ली पुलिस ने नए साल के जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 20,000 कर्मियों की तैनाती की थी।
कनॉट प्लेस, हौज खास और एयरोसिटी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों पर खास नजर रखा गया था, जहां 31 दिसंबर की रात को पारंपरिक रूप से लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। पुलिस ने कहा कि इस अभियान का मकसद सिर्फ अपराधियों को सजा देना नहीं था, बल्कि नशे में ड्राइविंग के खिलाफ एक कड़ा संदेश देना भी था, जो शहर में सड़क हादसों का एक बड़ा कारण बना हुआ है।
पिछले साल दिल्ली यातायात पुलिस ने नए साल की पूर्व संध्या पर नशे में ड्राइविंग के लिए 558 चालान जारी किए थे, जो उससे पिछले साल की तुलना में 34 प्रतिशत ज्यादा बताया गया था। पहले बताए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2023 में नशे में ड्राइविंग के लिए 416 मोटर चालकों पर मुकदमा चलाया गया, 2022 में 318, 2021 में 25, 2020 में 19 और 2019 में 299 मामले सामने आए।