Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा नगर में उस महिला का उनका घर वापस दिलवा दिया है जिस पर कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के जरिये अवैध कब्जा कर लिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन और पुलिस ने 24 घंटे के भीतर घर महिला को लौटा दिया और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दिवंगत सेवानिवृत्त मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की पुत्री अंजना अपने पिता के निधन के बाद से पुनर्वास केंद्र में रह रही थीं। परिवार के सदस्यों को खोने के बाद उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें 2016 में निर्वाण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उनका तब से इलाज चल रहा है।
उन्होंने 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि चंदौली जिले के एक व्यक्ति ने जाली दस्तावेज तैयार करके उनके घर पर कब्जा कर लिया था। मुख्यमंत्री ने त्वरित जांच के आदेश दिए और अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंजना को बिना किसी देरी के उनकी संपत्ति का कब्ज़ा वापस दिलाया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने जांच की और नव वर्ष के पहले दिन घर का ताला खोलकर अंजना को सौंप दिया। गुरुवार को पुलिस और अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से घर खोला गया।
अपने घर में प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो गईं और अपने परिवार से जुड़ी यादों को याद करने लगीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "यूपी के मुख्यमंत्री योगी महान व्यक्ति हैं जिन्होंने मेरी मुश्किल घड़ी में मेरी मदद की। मैं विशेष रूप से उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं।"
इस बीच बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।