Breaking News

पश्चिम बंगाल के फालता में टीएमसी नेता जहांगीर खान को पुलिस ने हाफ पैंट में घुमाया     |   ईरान ने अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया     |   स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगली सूचना तक बंद रहेगा: पर्शियन गल्फ वॉटरवे मैनेजमेंट अथॉरिटी     |   '2047 तक विकसित भारत का संकल्प‘, NDA की बैठक में बोले गृह मंत्री अमित शाह     |   ‘पीएम मोदी ने देशहित को हमेशा ऊपर रखा’, NDA की मीटिंग में अमित शाह ने कहा     |  

अंजली हत्याकांड में बड़ा एक्शन, सोफिया गिरफ्तार, मेडिकल कॉलेज की भूमिका पर उठे सवाल

Meerut News: मेरठ के चर्चित अंजली हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले में लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपी सोफिया निवासी खुशहाल नगर, थाना ब्रह्मपुरी को मेडिकल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी सूफियान, उसकी बहन साजिदा तथा मामले में संलिप्त पाए गए जबर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

आपको बता दें पुलिस जांच के अनुसार जागृति विहार निवासी अंजली को आरोपियों ने शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था। इसके बाद उसे लोहियानगर क्षेत्र की काशीराम कॉलोनी ले जाया गया, जहां कथित रूप से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के इरादे से अंजली को मृत अवस्था में मेडिकल कॉलेज में छोड़कर फरार हो गए थे।

वही जांच के दौरान पुलिस को मामले में कई अहम साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर एक-एक कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। अब फरार चल रही महिला आरोपी सोफिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि हत्याकांड की पूरी साजिश लगभग बेनकाब हो चुकी है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना में उसकी क्या भूमिका थी और घटना के बाद सबूत छिपाने में उसने किस प्रकार सहयोग किया।

जहां मामले की शुरुआत 21 मई को हुई थी, जब जागृति विहार निवासी प्रदीप कुमार शर्मा पुत्र अमित कुमार शर्मा ने मेडिकल थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि लिसाड़ी गेट क्षेत्र के खुशहाल नगर निवासी सूफियान पुत्र मेहरूद्दीन ने अपनी बहन साजिदा और अन्य परिजनों के साथ मिलकर उसकी बहन अंजली को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। बाद में शादी से इंकार करने पर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद पूरे मामले को छिपाने और पुलिस को भ्रमित करने के लिए शव को मेडिकल कॉलेज में छोड़ दिया गया।

जांच में मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी जबर सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि इतना गंभीर मामला सामने आने और कर्मचारी की गिरफ्तारी के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। हत्याकांड में नामजद और गिरफ्तार कर्मचारी पर कार्रवाई न होने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

फिलहाल सोफिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले के शेष पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। चर्चित अंजली हत्याकांड में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।