पटना, चार नवंबर (भाषा) बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उम्मीदवार आनंद पुष्कर की हार के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
तीन राजपूत सांसदों पर निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज की मदद करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए सारण से भारतीय जनता पार्टी(भाजपा ) के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बुधवार को कहा कि अब बिहार में कोई राजपूत नेता के कहने पर दूसरा राजपूत प्रत्याशी अपना फैसला नहीं बदलता।
गौरतलब है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पुष्कर ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र के तीन राजपूत सांसदों ने उन्हें समर्थन नहीं दिया और अपने समाज से आने वाले निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज की मदद की।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रूडी ने कहा कि राजग के सभी नेताओं ने मेहनत कर पुष्कर को जिताने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि पुष्कर एक सुलझे हुए व्यक्ति हैं और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए गठबंधन के नेताओं ने प्रयास किया था, इसके बावजूद उनका चुनाव नहीं जीत पाना दुखद है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बार-बार यह आरोप लगाना कि कोई व्यक्ति ठाकुर या राजपूत है और उसने किसी प्रत्याशी को संरक्षण दिया है, उचित नहीं है।
रूडी ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी के कहने मात्र से न तो चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करता है और न ही अपना नामांकन वापस लेता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब समय बदल गया है और किसी राजपूत नेता के कहने पर दूसरा राजपूत प्रत्याशी अपना चुनावी फैसला नहीं बदलता।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रियरंजन पटेल ने बिहार विधान परिषद चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम को लेकर पार्टी के सांसद राजीव प्रताप रूडी की प्रतिक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने राजग के हित में ही अपनी बात रखी है।
पटेल ने कहा, ''रूडी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद हैं। उन्होंने हमेशा पार्टी हित में काम किया है और उनकी प्रतिक्रिया भी राजग के हित में ही थी।''
वहीं, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अरुण पांडेय ने रूडी की टिप्पणी को भाजपा पर ही परोक्ष कटाक्ष करार दिया।
पांडेय के अनुसार, रूडी के बयान का आशय यह है कि भाजपा ने अब तक किसी राजपूत नेता को इतनी तवज्जो नहीं दी है कि राजपूत समाज के बीच उसे विशेष महत्व मिल सके।
भाषा कैलाश जोहेब
जोहेब