एटा (उप्र), चार नवंबर (भाषा) एटा जिले की एक अदालत ने दहेज हत्या और दोहरे हत्याकांड के दो अलग-अलग मामलों में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उन पर जुर्माना भी लगाया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश धर दुबे की अदालत ने पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद मंगलवार को यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पहला मामला राजा का रामपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 15 अगस्त 2024 को एक व्यक्ति ने उसकी बेटी की अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर हत्या किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच के बाद पुलिस ने विजयपुर निवासी हेमंत उर्फ गौरव के खिलाफ 19 सितंबर 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने उसे आजीवन कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
पुलिस के मुताबिक, दूसरा मामला मिरहची थाना क्षेत्र में एक सितंबर 2008 को हुए दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है जिसमें शिकायतकर्ता के पिता और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या और दंगा करने सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत ने इस मामले में मुहारा गांव निवासी शीलेश और विनोद तथा हाथरस जिले के महमूदपुरा निवासी साहूकार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर कुल 46 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन जी. के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत दोनों मामलों को प्राथमिकता दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, निगरानी प्रकोष्ठ और अभियोजन शाखा ने मुकदमों पर लगातार नजर रखी और प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप चारों दोषियों को सजा हुई।
भाषा सं. सलीम सिम्मी
सिम्मी