Breaking News

'दिल्ली की हवा में 30 सिगरेट पीने जैसा जोखिम झेल रहे लोग', प्रदूषण पर SC ने कहा     |   UP पुलिस को मिले 4,543 नए दरोगा, CM योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र     |   पटना में पुलिस-STF का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में 3 अपराधी ढेर     |   योगी सरकार का बड़ा फैसला, आपदा में मौत पर अब परिवार को मिलेंगे 8 लाख रुपये     |   हिमाचल प्रदेश में तड़के सुबह भूकंप के झटके, चंबा में दर्ज हुई 3.2 तीव्रता     |  

ओडिशा: बीजद प्रमुख पटनायक ने कोटिया में तनाव पर मुख्यमंत्री माझी को पत्र लिखा, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

भुवनेश्वर/कोरापुट, चार नवंबर (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश द्वारा विवादित कोटिया क्षेत्र में ग्रामीण चुनाव कराने की कोशिशों से बढ़ते तनाव का मुद्दा केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।

पटनायक के पत्र लिखने से एक दिन पहले ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच कथित तौर पर तनातनी हुई थी, जिससे अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित गांवों के समूह में तनाव पैदा हो गया था।

इस बीच, ओडिशा पुलिस ने आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा स्थापित एक मतदान केंद्र को सील कर दिया।

विवाद तब बढ़ा, जब पड़ोसी राज्य की सरकार ने ओडिशा के क्षेत्र में आने वाले कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की। ये चुनाव पांच नवंबर को होने हैं।

चुनाव से पहले ओडिशा सरकार ने सीमा पर तीन जांच चौकियां स्थापित की हैं, ताकि शांति बनाए रखी जा सके और पड़ोसी राज्य के अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों के अनधिकृत प्रवेश और कोटिया क्षेत्र में चुनाव संबंधी गतिविधियों को रोका जा सके।

कोटिया से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरापुट जिला पुलिस ने विवादित क्षेत्र के अपर सेम्बी गांव में आंध्र प्रदेश पुलिस की एक जांच चौकी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।

ओडिशा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर चौकी खाली कर दी। कोरापुट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) टीपीएस मंडल ने कहा, ‘‘हमारे वहां पहुंचने पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने जांच चौकी खाली कर दी और उस इलाके से चली गई।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, जैसा कि भाजपा ने अपने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था।

भाषा संतोष माधव

माधव