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महाराष्ट्र के सांघवी और दाधे ने बंगाल को बैकफुट पर धकेला

कोलकाता, चार नवंबर (भाषा) तनय सांघवी और प्रदीप दाधे ने बंगाल को दोहरा झटका देते हुए पहले आखिरी विकेट के लिए 60 रन की अहम साझेदारी की और फिर गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया जिससे महाराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले के तीसरे दिन बुधवार को बंगाल की टीम दूसरी पारी में चार विकेट पर 76 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी।

बंगाल को सिर्फ एक रन की बढ़त हासिल है।

सत्र के अपने शुरुआती तीनों मैच जीतने वाली बंगाल की टीम एक बार फिर खराब बल्लेबाजी के कारण मुश्किल में है।

बारिश के कारण दिन का खेल प्रभावित रहा और केवल 27.5 ओवर ही फेंके जा सके।

लगातार चौथी जीत दर्ज करने की बंगाल की उम्मीदों को दूसरी पारी में शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने से बड़ा झटका लगा।

कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन नौ रन बनाकर दाधे का शिकार बने। इसके बाद सांघवी ने तीन गेंद के भीतर दो विकेट चटकाते हुए सुदीप कुमार घरामी (12) और सुदीप चटर्जी (शून्य) को पवेलियन भेज दिया।

अंकुर पॉल (32) और विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल (नाबाद 23) ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की।

हालांकि दिन के अंतिम चरण में हितेश वालुंज ने पॉल को आउट कर बंगाल की मुश्किलें बढ़ा दीं।

खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी समाप्त होने के समय पोरेल और सूरज जायसवाल (नाबाद शून्य) क्रीज पर मौजूद थे।

इससे पहले महाराष्ट्र ने दिन की शुरुआत के अपने स्कोर में 3.5 ओवर में 11 रन जोड़कर पहली पारी में 218 रन बनाए और 75 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।

भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने दाधे को 27 रन पर आउट किया। शमी ने 37 रन देकर चार विकेट हासिल किए, जबकि स्पिनर शाहबाज अहमद ने 39 रन देकर तीन विकेट चटकाए।

महाराष्ट्र ने 102 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे लेकिन सांघवी 179 गेंद में नाबाद 60 रन बनाकर डटे रहे और दाधे के साथ उनकी साझेदारी निर्णायक साबित हुई।

नयी दिल्ली में मोहित अहलावत के शानदार 142 रन की बदौलत सेना ने यहां पालम ए ग्राउंड पर बुधवार को दिल्ली के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

पहली पारी में 78 रन से पिछड़ने के बाद सेना ने दूसरी पारी में शुरुआती झटकों से उबरते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक पांच विकेट पर 280 रन बना लिए। इससे उसकी बढ़त 202 रन की हो गई।

कप्तान रजत पालीवाल 96 गेंद में 62 रन बनाकर नाबाद है। अहलावत ने 150 गेंद की अपनी पारी में 12 चौके और सात छक्के लगाए।

सेना की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने सलामी बल्लेबाज नितिन तंवर (दो) और शुभम रोहिल्ला (पांच) के विकेट 13 रन तक गंवा दिए।

अहलावत ने रवि चौहान के साथ तीसरे विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी करके पारी को संभाला। अहलावत ने इस दौरान प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक भी पूरा किया।

चौहान ने 105 गेंद में छह चौकों और एक छक्के की मदद से 56 रन बनाए।

चौहान के 139 रन के कुल स्कोर पर आउट होने के बाद अहलावत ने पालीवाल के साथ चौथे विकेट के लिए 127 रन की एक और महत्वपूर्ण साझेदारी की।

अहलावत 266 रन के स्कोर पर आउट हुए लेकिन तब तक सेना की टीम दिल्ली के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की स्थिति में पहुंच चुकी थी।

इससे पहले दिल्ली ने सुबह छह विकेट पर 299 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसकी पहली पारी 105.4 ओवर में 344 रन पर सिमट गई। टीम ने 45 रन जोड़कर अपने बाकी चार विकेट गंवाए।

नाबाद 80 रन से आगे खेलने उतरे सुमित माथुर शतक से महज एक रन से चूक गए। वह 196 गेंद में 99 रन बनाकर आउट हुए।

तेज गेंदबाज जयंत गोयत ने 65 रन देकर पांच विकेट हासिल किए जबकि बाएं हाथ के स्पिनर अर्जुन शर्मा ने 65 रन देकर तीन विकेट चटकाए।

अहमदाबाद में गुजरात ने केरल की पहली पारी 279 रन पर समेटने के बाद उसे फॉलोऑन दिया। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक केरल ने दूसरी पारी में एक विकेट पर 41 रन बना लिए थे।

गुजरात ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 534 रन बनाकर घोषित की थी।

केरल की टीम अब भी 214 रन पीछे है और उसके नौ विकेट शेष हैं। अभिषेक नायर 29 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि सचिन बेबी ने अभी खाता नहीं खोला था।

जमशेदपुर में विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन मिंज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़ा। उनकी नाबाद 100 रन की पारी की मदद से झारखंड ने तीसरे दिन अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 433 रन बनाकर घोषित की।

ओडिशा ने बिना विकेट खोए 23 रन बना लिए हैं।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता