श्रीनगर, चार नवंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर मंत्रिमंडल में हाल में हुई फेरबदल के बाद अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के असंतुष्ट विधायकों के शुक्रवार को यहां पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी नेतृत्व उन विधायकों को शांत करने की कोशिश कर रहा है जो मंत्रिपरिषद में जगह न मिलने से नाखुश हैं।
यह घटनाक्रम 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार के बाद कई वरिष्ठ नेताओं, जिनमें छह बार के विधायक मुबारक गुल भी शामिल हैं, के बीच बढ़ते असंतोष की पृष्ठभूमि में आया है। इस विस्तार में चार नए मंत्रियों को शामिल किया गया था, जिससे मंत्रिपरिषद की संख्या अपनी अधिकतम स्वीकार्य वैधानिक सीमा यानी नौ तक पहुंच गई है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि असंतुष्ट विधायकों ने शीर्ष नेतृत्व के सामने कई संगठनात्मक और प्रशासनिक चिंताएं उठाई थीं और अपनी बात रखने के लिए औपचारिक मुलाकात का समय मांगा था।
कैबिनेट विस्तार के बाद, ईदगाह के विधायक मुबारक गुल को शामिल न किए जाने पर पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ विधायकों ने एक बैठक भी की थी, लेकिन उन्होंने यह उजागर नहीं किया कि बैठक में क्या चर्चा हुई।
गुल के खेमे ने घोषणा की थी कि वह बुधवार को मीडिया से मिल सकते हैं, लेकिन फारूक अब्दुल्ला के साथ शुक्रवार को होने वाली बैठक की संभावित घोषणा के बाद इसे रद्द कर दिया गया।
सत्त्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आधिकारिक तौर पर किसी भी आंतरिक विद्रोह या बाहरी राजनीतिक खतरे की खबरों को खारिज किया है और विधायकों की इस बैठक को एक सामान्य सामाजिक मुलाकात बताया।
हजरतबल के विधायक सलमान सागर ने भी बुधवार को एक प्रेस वार्ता में किसी भी तरह के असंतोष की सुगबुगाहट को कमतर आंका और कहा कि ये केवल निहित स्वार्थ रखने वाले लोगों द्वारा फैलाई जा रही खबरें हैं।
भाषा वैभव अविनाश
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