पणजी, चार नवंबर (भाषा) भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विदेशी नेताओं के साथ बातचीत के जरिये ‘‘अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार भारत को शर्मिंदा करने’’ का आरोप लगाया और दावा किया कि इससे ‘‘विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप’’ को लेकर सवाल उठते हैं।
भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में ऐसी पांच घटनाओं का जिक्र किया। इनमें 2017 में डोकलाम गतिरोध के दौरान गांधी की चीनी अधिकारियों से कथित मुलाकात, 2021 में चीन में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स के साथ उनकी ऑनलाइन माध्यम से बातचीत तथा 2022 में ब्रिटिश नेता जेरेमी कॉर्बिन और 2023 में अमेरिकी सांसद इल्हान उमर के साथ उनकी मुलाकात शामिल हैं।
उन्होंने गांधी की 2024 की अमेरिका यात्रा का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इस दौरान कांग्रेस नेता ने यह दावा करके सिख समुदाय के लोगों को भड़काने की कोशिश की थी कि भारत में सिखों को गुरुद्वारों में जाने की अनुमति नहीं है।
सिन्हा ने आरोप लगाया, ‘‘ये तो केवल पांच उदाहरण हैं। ऐसे और भी कई मामले हैं... इससे यह धारणा बनती है कि कोई विदेशी ताकत उन्हें (राहुल गांधी) नियंत्रित कर रही हो सकती है।’’
उन्होंने कांग्रेस नेता से इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गांधी को विदेशी प्रभाव के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बहस करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत की है।
सिन्हा ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में भारत के रुख और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेल खरीद संबंधी फैसलों का हवाला देते हुए मोदी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों को मजबूत बताया।
गांधी पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की चुनौती दिए जाने के बावजूद कांग्रेस नेता इस विषय पर संसदीय बहस से बच रहे हैं।
भाषा शफीक पवनेश
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