नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति 12 नवंबर को बैठक करेगी और बैप्स, ऑक्सफैम, गिरजाघर के पदाधिकारियों और वकीलों समेत विभिन्न हितधारकों के साथ एक-एक करके विचार-विमर्श करेगी।
बैठक के नोटिस के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संजय जायसवाल की अध्यक्षता वाली समिति की यह छठी बैठक होगी।
समिति के सदस्य सामाजिक संगठनों, कानून और नीति विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करेंगे। विधेयक पर ऑक्सफैम इंटरनेशनल के अमिताभ बेहार, शार्दुल अमरचंद मंगलदास के कार्यकारी अध्यक्ष शार्दुल श्रॉफ, ‘प्रथम’ की फरीदा लांबाय, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े, पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अध्यक्ष एम आर माधवन, अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर और पर्यावरण कार्यकर्ता देबी गोयनका अपने विचार साझा करेंगे।
संसद ने 12 अगस्त को विधेयक को संसद की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति को विचार-विमर्श के लिए भेजा था।
विधेयक में एक नामित प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव है जो उन संगठनों की विदेशी वित्त पोषित संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने, उनकी निगरानी करने, प्रबंधन करने और उनका निपटान करने का काम करेगा, जिनका एफसीआरए पंजीकरण समाप्त हो चुका है।
भाषा वैभव माधव
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