नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) भाजपा ने बुधवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ खुली बहस की मांग कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ संसद में चर्चा से ‘‘भाग रहे’’ हैं। पार्टी ने कहा कि उनका यह रुख संविधान की मूल भावना का अपमान होने के साथ ही देश के मतदाताओं के साथ मजाक है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया, ‘‘जब (2023 में) सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, तो जैसे ही प्रधानमंत्री ने बोलना शुरू किया, राहुल गांधी (लोकसभा से) भाग गए। मणिपुर के मुद्दे पर भी, जब प्रधानमंत्री ने बोलना शुरू किया तो वह भाग गए। जब भी हम किसी मुद्दे पर बोलना शुरू करते हैं, तो आप भाग जाते हैं।’’
सत्तारूढ़ दल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से कहा कि वह ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा हाल में आयोजित प्रतीकात्मक संसद (मॉक पार्लियामेंट) की तर्ज पर एक प्रतीकात्मक बहस (मॉक डिबेट) का आयोजन करें।
बुधवार को पंजाब में एक रैली को संबोधित करते हुए, गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के इस आरोप पर कि ‘‘विपक्ष देश-विरोधी है’’, उन्हें खुली बहस की चुनौती दोहराई; जिसके बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आई।
गांधी पर पलटवार करते हुए, त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पंजाब में “ओछी हरकतें” कर रहे हैं, ताकि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर आयोजित ‘इंडिया’ गठबंधन की एक नवंबर की रैली की “बड़ी विफलता” को छिपाया जा सके।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘उनका (गांधी) कहना है कि वह बहस के लिए तैयार हैं। भारत के संविधान निर्माताओं ने संसद को बहस के लिए सर्वोच्च मंच माना है। अगर नेता प्रतिपक्ष यह कहते हैं कि वह संसद में कोई बहस नहीं चाहते, तो यह संविधान निर्माताओं का अपमान है और साथ ही संविधान की मूल भावना का भी अपमान है।’’
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि संसद के बाहर बहस की गांधी की मांग उन लोगों का भी अपमान है, जिन्होंने उन्हें अन्य सभी सांसदों के साथ संसद सदस्य के रूप में चुना है।
उन्होंने कहा कि लोगों ने गांधी को बहस और चर्चा में हिस्सा लेने तथा उनके मुद्दे उठाने के लिए लोकसभा भेजा है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष संसद से भाग जाते हैं।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, आपने हाल ही में एक ‘मॉक पार्लियामेंट’ का आयोजन किया था। आपके दरबारियों ने आपको खुश रखने के लिए इसकी सजावट बहुत अच्छी तरह की थी। ठीक उसी तरह, आप खुद को संतुष्ट करने के लिए एक ‘मॉक डिबेट’ का आयोजन भी कर सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपकी ‘मॉक पार्लियामेंट’ में भी बहस की कोई गुंजाइश नहीं थी, क्योंकि दूसरी तरफ से बोलने वाला कोई नहीं था। यह एकतरफा भाषण था।’’
गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को इस आरोप पर खुली बहस की चुनौती दी है कि विपक्ष को ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ है और उसे ‘‘विदेशी मदद’’ प्राप्त है।
छत्तीसगढ़ में मंगलवार को एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। उन्होंने विपक्ष को इस बहस में शामिल होने की चुनौती दी।
शाह ने कहा, ‘‘संसद को काम करने दें। हम एसआईआर पर चर्चा करने के लिए एक विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं। अगर आपमें हिम्मत है, तो आइए और देश की जनता के सामने चर्चा कीजिए।’’
भाषा नेत्रपाल नरेश
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