नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को कहा कि एक वित्तीय कंसलटेंसी कंपनी के माध्यम से 27 निवेशकों से लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में एक महिला सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के एक बयान के अनुसार, जांच के बाद आरोपी सत्यानंद यादव (51), एक महिला (46) और विकास यादव (28) को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया।
बयान में कहा गया है कि यह मामला सुशील कुमार शर्मा और अन्य की शिकायत पर दर्ज किया गया था। अब तक आरोपियों के खिलाफ 27 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक अपंजीकृत वित्तीय कंसलटेंसी कंपनी का संचालन किया और निवेशकों के पैसे को 20 महीनों में दोगुना करने का वादा कर ठगी की।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने प्रति वर्ष 60 प्रतिशत की ब्याज दर पर सुनिश्चित रिटर्न और अन्य आकर्षक निवेश योजनाओं की भी पेशकश की। हालांकि, निवेशकों को न तो रिटर्न मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस मिली।
जांच के दौरान ईओडब्ल्यू ने पाया कि कंपनी के बैंक खातों के साथ-साथ आरोपियों के व्यक्तिगत खातों में भी भारी राशि जमा की गई थी। आरोपी पैसे इकट्ठा करने के बाद फरार हो गए और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने ठिकाने बदलते रहे।
बयान के अनुसार, इसके बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट प्राप्त किए गए और उनके उपलब्ध पतों पर नोटिस चिपकाए गए।
अधिकारियों ने कहा कि एक टीम ने पटना के दीघा थाना क्षेत्र में उनकी लोकेशन का पता लगाया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें पटना की एक अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट हिरासत प्राप्त की गई।
पुलिस ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।
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