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हिमाचल: रामपुर से चार बार विधायक रहे नंदलाल का देवठी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

शिमला, चार नवंबर (भाषा) रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे नंदलाल का बुधवार को रामपुर स्थित उनके पैतृक गांव देवठी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का संक्षिप्त बीमारी के बाद मंगलवार को शिमला के चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 72 वर्ष के थे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नंदलाल की देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। नंदलाल के योगदान को याद करते हुए सुक्खू ने उन्हें कांग्रेस पार्टी का एक समर्पित सिपाही बताया, जिन्होंने रामपुर क्षेत्र के लोगों के कल्याण और उत्थान के लिए अथक प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदलाल सौहार्दपूर्ण स्वभाव के व्यक्ति थे और वह हमेशा राज्य विधानसभा में अपनी बात गरिमा, शिष्टाचार और तर्क के साथ रखते थे, जो सार्वजनिक मुद्दों और संसदीय परंपराओं की उनकी गहरी समझ को दर्शाता था।

उन्होंने कहा कि नंदलाल के निधन से जो शून्य पैदा हुआ है, उसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

नंदलाल की चिता को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी।

नंदलाल ने 2007, 2012, 2017 और 2022 में रामपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और 2013 से 2017 तक वीरभद्र सिंह सरकार में मुख्य संसदीय सचिव के रूप में भी सेवा दी थी।

कांग्रेस नेता ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में कमांडर के रूप में कार्य किया था और वह 'विशेष सुरक्षा समूह' यानी एसपीजी का हिस्सा थे। उन्होंने 1997 तक तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सुरक्षा में एक कमांडो के रूप में काम किया था।

नंदलाल ने 1982 के एशियाई खेलों और 1983 के गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है।

भाषा सुमित नरेश

नरेश