मुंबई, चार नवंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में मतभेदों की खबरों के बीच, पार्टी ने बुधवार को अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा उनके बेटे एवं राज्यसभा सदस्य पार्थ का बचाव किया। पार्टी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ वरिष्ठ नेताओं की बैठक की योजना सुनेत्रा पवार की जानकारी में बनाई गई थी और उनके संज्ञान में ही यह बैठक हुई।
राकांपा के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने उन खबरों को “पूरी तरह गलत” बताया, जिनमें कहा गया था कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने तीन दिन पहले नयी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शाह से सुनेत्रा पवार को जानकारी दिए बिना मुलाकात की थी।
पाटिल ने कहा कि सुनेत्रा पवार ने खुद केंद्रीय मंत्री से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए समय देने का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ ने पिछले महीने शाह से दो बार मुलाकात की थी। इस दौरान राज्य में महायुति सरकार की सहयोगी और घटक दल राकांपा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
पाटिल ने कहा कि उस समय सुनेत्रा पवार ने शाह से राकांपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने का अनुरोध किया था, जो पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के दौरान भाजपा नेताओं के साथ बातचीत में शामिल थे।
प्रवक्ता ने कहा कि इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को शाह से मुलाकात के लिए समय दिया गया। उन्होंने बताया कि राकांपा की कोर समिति और विधायक दल की बैठकें भी कई दिन पहले ही तय कर दी गई थीं।
उन्होंने उन दावों को खारिज किया कि दिल्ली में हुई बैठक के बाद सुनेत्रा पवार ने जल्दबाजी में पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि विधायकों को चार से पांच दिन पहले ही इसकी सूचना दे दी गई थी।
पाटिल ने जोर देकर कहा कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में राकांपा सुचारू रूप से काम कर रही है और पार्टी में फैसले विचार-विमर्श के बाद लिए जा रहे हैं।
पाटिल ने पार्टी के कामकाज में पार्थ पवार की भागीदारी का बचाव करते हुए कहा कि इस साल जनवरी में विमान हादसे में राकांपा अध्यक्ष अजित पवार की मृत्यु के बाद पवार परिवार ने खुद को पूरी तरह पार्टी के कामकाज के लिए समर्पित कर दिया है।
भाषा तान्या पवनेश
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