नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कांग्रेस नेता और लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष के सी वेणुगोपाल के उस पत्र पर विचार कर कर रहे हैं, जिसमें समिति के समक्ष पेश नहीं होने पर छह राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
वेणुगोपाल ने 22 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष को यह पत्र भेजा था। अनुसूचित जाति (एससी) के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में अनियमितताओं के संबंध में पीएसी की सुनवाई में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, ओडिशा, बिहार और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव उपस्थित नहीं हुए थे।
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘‘पीएसी अध्यक्ष के पत्र की लोकसभा अध्यक्ष जांच कर रहे हैं। यदि नियमों की समीक्षा के बाद अध्यक्ष को उचित लगा तो छह मुख्य सचिवों को विशेषाधिकार नोटिस जारी किया जा सकता है।’’
वेणुगोपाल ने अपने पत्र में बताया कि एससी विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की जांच के दौरान समिति ने सितंबर में जयपुर के अध्ययन दौरे में कई खामियां पाईं।
इनमें राज्यों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से जोड़ने में देरी, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय की कमी तथा धनराशि के वितरण में समस्याएं शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि इन अनियमितताओं के संबंध में पीएसी के समक्ष पेश होने के लिए छह राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित अधिकारियों को आठ और नौ अक्टूबर को पत्र भेजे गए थे।
हालांकि, किसी भी मुख्य सचिव ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया और न ही उन्हें इससे छूट दी गई थी।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा है कि पीएसी के सभी सदस्यों ने इस मामले का संज्ञान लिया और समिति ने मुख्य सचिवों की अनुपस्थिति को विशेषाधिकार का उल्लंघन माना। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
भाषा हक हक नरेश
नरेश