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बीएस-छह जांच के चलते गाजीपुर सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें, ‘हॉर्न’ का शोर और अफरा-तफरी

(मानसी जगानी)

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) दिल्ली में बीएस-छह वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने के बाद गाजीपुर सीमा पर अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। इस दौरान 500 मीटर के दायरे में जगह-जगह गाड़ियों की जांच की जा रही थी, जिससे वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। लंबी कतारों से बचने के लिए मोटर साइकिल सवार फुटपाथ पर चढ़ गए, वाहन चालक लगातार ‘हॉर्न’ बजाते रहे वहीं यात्री यातायात पुलिसकर्मियों से उन्हें आगे जाने देने की गुहार लगाते नजर आए।

यातायात पुलिस, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और परिवहन विभाग के अधिकारी वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच कर रहे थे, जिससे वाहन रुक-रुककर आगे बढ़ रहे थे।

'पीटीआई-भाषा' द्वारा मौके पर की गई पड़ताल में सामने आया कि जांच के दौरान कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और उन्हें आगे-पीछे करने के लिए भी बहुत कम जगह बची थी।

गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से दिल्ली आने वाले लोगों के लिए इन जांच के कारण सफर लंबा हो गया।

निजी क्षेत्र के कर्मचारी अशोक को वैशाली से प्रीत विहार जाना था। उन्होंने कहा, “मैं सुबह 10 बजे घर से निकला था, क्योंकि मुझे 11 बजे तक कार्यालय पहुंचना था। अब 11:30 बज चुके हैं और मैं अब भी यहीं फंसा हूं। पहले वाहनों को रोका गया, फिर उनके पंजीकरण नंबरों की जांच की गई और कई लोगों को वापस जाने के लिए कहा गया। मैं बार-बार अपने कार्यालय फोन करके यह नहीं समझा सकता कि वाहन की जांच के कारण मुझे देर हो रही है।”

तीनों एजेंसियों के अधिकारी तीन अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रहे थे।

प्रत्येक जांच स्थान पर वाहनों की कतारें 100 से 150 मीटर तक लंबी थीं। कार्यालय जाने के व्यस्त समय में जाम और बढ़ गया।

यातायातकर्मियों ने बताया कि शुरुआत में वे वाहनों की पंजीकरण संख्या की श्रृंखला और उन पर लगे स्टिकर के आधार पर यह पहचान करते हैं कि कौन-से वाहन प्रवेश संबंधी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर सकते हैं।

डिलीवरी एजेंट के लिए इस जाम ने एक और तरह की परेशानी खड़ी कर दी है। देरी के कारण उनके काम के घंटे प्रभावित हो रहे हैं और ऑर्डर पहुंचाने में भी बाधा आ रही है।

गाजियाबाद से दिल्ली जा रहे डिलीवरी एजेंट अंकित ने बताया कि जाम के बीच उनकी मोटरसाइकिल खराब हो गई, जिससे उन्हें भीड़भाड़ वाले रास्ते से उसे बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई।

ये प्रतिबंध दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का हिस्सा हैं। इनके तहत, निर्धारित छूट को छोड़कर, दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-छह मानक से कम के पेट्रोल और डीजल वाहनों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर रोक है।

इसका उद्देश्य सर्दियों के महीनों में वायु प्रदूषण के मद्देनजर वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर अंकुश लगाना है। ये प्रतिबंध एक नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेंगे।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश