नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए स्वीकृत 2,814 करोड़ रुपये की पूंजीगत सहायता योजना से विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भारत की निर्भरता कम होगी।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि लिथियम, निकेल और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र के लिए जरूरी हैं, लेकिन भारत इन खनिजों के प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि इस निर्भरता को कम करने के लिए मंत्रिमंडल ने नई योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए नए संयंत्र लगाए जाएंगे, निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी, घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन बढ़ाया जाएगा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भविष्य की प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए भारत को अपनी क्षमता विकसित करनी होगी।’’
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, महत्वपूर्ण खनिजों का प्रसंस्करण दुनिया के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में केंद्रित है। इससे भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति पर संभावित प्रतिबंधों के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रभावित होने का जोखिम रहता है। इसका असर देश की आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती, आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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