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एक खराब मैच से खिलाड़ी का करियर तय नहीं होता, बल्कि बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है: कंबोज

ऑकलैंड, चार नवंबर (भाषा) भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज अपने शुरुआती एकदिवसीय करियर में अच्छे और खराब दोनों दौर देख चुके हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि 50 ओवर के प्रारूप में उनका निराशाजनक पदार्पण अपने खेल में सुधार करने की प्रेरणा बना।

कंबोज ने पिछले महीने मुल्लांपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पदार्पण एकदिवसीय मैच में नौ ओवर में 82 रन लुटाए थे। हालांकि उन्होंने यहां ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर इसकी भरपाई की।

कंबोज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की पांच विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए 10 ओवर में 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए।

कंबोज ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘एक खराब मैच से किसी खिलाड़ी का करियर तय नहीं होता। मैंने हमेशा की तरह अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया। एक मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का मुझ पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बल्कि इससे मुझे बेहतर करने की काफी प्रेरणा मिली और उन क्षेत्रों को समझने में मदद मिली जिनमें मुझे सुधार करने की जरूरत है। नतीजे हमेशा आपके पक्ष में नहीं होते।’’

वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद सोशल मीडिया पर हुई आलोचना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। मेरा ध्यान अपने क्रिकेट और गेंदबाज के तौर पर खुद को बेहतर बनाने पर रहता है। लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं मैं उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। इसलिए इससे मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ता।’’

कंबोज को ऑकलैंड में अपने इसी संयमित रवैये का फायदा मिला और उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मिचेल सैंटनर तथा नाथन स्मिथ के विकेट हासिल किए।

उन्होंने कहा, ‘‘ईडन पार्क की पिच पर थोड़ी सीम मूवमेंट थी लेकिन सही लेंथ और सही क्षेत्र में गेंदबाजी करना भी महत्वपूर्ण था।’’

कंबोज ने कहा, ‘‘पिच से मदद हासिल करने का यही एक तरीका है। अगर आप सही लेंथ से चूकते हैं तो रन लुटा सकते हैं। इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा गेंदें सही क्षेत्र में डालने की कोशिश कर रहा था।’’

कंबोज को भारतीय टीम में शामिल किए जाने का मौका तब मिला जब जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को अलग-अलग कारणों से आराम दिया गया।

इस 25 वर्षीय गेंदबाज ने कहा कि वह टीम चयन जैसी बाहरी चीजों की चिंता करने के बजाय अपनी गेंदबाजी पर काम करना पसंद करेंगे।

कंबोज ने कहा कि न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सफलता हासिल करने के लिए गेंदबाजी इकाई को एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता