बेंगलुरु, चार नवंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों तथा सरकारी परिवहन निगमों को हो रहे भारी घाटे का हवाला देते हुए बुधवार को बस भाड़ा बढ़ाने के फैसले का बचाव किया।
उन्होंने विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती दी कि वह राज्य सरकार के फैसले का विरोध करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ईंधन की कीमतें कम करने के लिए कहे।
उन्होंने कहा कि परिवहन निगमों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और उन्हें डीजल खरीदने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने राज्य संचालित चार परिवहन निगमों के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके तहत केएसआरटीसी के किराये में औसतन 23 प्रतिशत और बेंगलुरु में बीएमटीसी के किराए में 33-35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
ये नए किराए बुधवार आधी रात से लागू हो जायेंगे।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा, ‘‘डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। जब डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़े थे, तब उसने (विपक्ष ने) क्यों नहीं बोला? जब गैस की कीमतें बढ़ीं, तब उसने मुंह क्यों नहीं खोला?’’
परिवहन निगमों की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, शिवकुमार ने कहा कि सरकार चाहती है कि वे टिकाऊ ढंग से काम कर सकें।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश