मुंबई, चार नवंबर (भाषा) पेंशन कोष नियामक पीएफआरडीए बैंकों के व्यापक वितरण नेटवर्क और यूपीआई प्रणाली का इस्तेमाल कर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) का दायरा तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। नियामक का लक्ष्य वर्ष 2040 तक एनपीएस की प्रबंधन-अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) को बढ़ाकर करीब 100 लाख करोड़ रुपये करना है। पीएफआरडीए के चेयरमैन एस. रमण ने बुधवार को यह बात कही।
रमण ने यहां ‘तत्काल एनपीएस : डिजिटल पेंशन समावेशन’ सम्मेलन में कहा कि पेंशन नियामक मौजूदा डिजिटल वित्तीय ढांचे का इस्तेमाल कर अधिक से अधिक लोगों को दीर्घकालिक बचत प्रणाली से जोड़ना चाहता है।
उन्होंने कहा कि पेंशन कोष विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) यूपीआई के जरिये एनपीएस में खाता खोलने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम कर रहा है। इससे लोग मौजूदा डिजिटल बैंकिंग और भुगतान मंचों के माध्यम से न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ पेंशन खाता खोल सकेंगे। इसमें मोबाइल नंबर और जन्मतिथि जैसी बुनियादी जानकारियों के आधार पर खाता खोलने की सुविधा देने की योजना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम कह रहे हैं कि किसी बैंक को नया ग्राहक जोड़ने पर कोई लागत नहीं आएगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बैंक मौजूदा डिजिटल माध्यमों से ही नए एनपीएस खाते खोल सकेंगे और इसके लिए उन्हें अतिरिक्त कर्मचारियों या बुनियादी ढांचे पर ज्यादा खर्च नहीं करना होगा।’’
रमण ने कहा कि नियामक एनपीएस के वितरण में बैंकों की बड़ी भूमिका चाहता है। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से लागू कमीशन ढांचे में बदलाव के बाद शीर्ष 10 एनपीएस सेवा केंद्रों (पीओपी) का राजस्व चार से पांच गुना बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि पीएफआरडीए अलग-अलग तरह के अंशधारकों की जरूरतों के अनुरूप निवेश योजनाएं और परिसंपत्ति आवंटन विकल्प देने पर भी काम कर रहा है। वित्तीय समझ रखने वाले निवेशकों को इक्विटी आधारित योजनाओं में 100 प्रतिशत तक निवेश का विकल्प देने पर विचार है।
नियामक पेंशन बचत का अधिक हिस्सा विकासोन्मुख परिसंपत्तियों में लगाने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। इसके तहत गैर-सूचीबद्ध इक्विटी, परियोजना वित्तपोषण तथा नई और मौजूदा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा रियल एस्टेट और अवसंरचना निवेश ट्रस्ट में निवेश के मौजूदा विकल्प भी जारी रहेंगे।
पीएफआरडीए प्रमुख ने कहा कि लोगों को लंबी उम्र के जोखिम से निपटने और सेवानिवृत्ति के बाद पर्याप्त बचत सुनिश्चित करने के लिए पेंशन के दायरे का विस्तार जरूरी है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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