नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें सनी देओल की आने वाली हिंदी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ की रिलीज पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था।
यह फिल्म 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने कहा कि अदालत इस जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने की इच्छुक नहीं है, क्योंकि चिकित्सक समुदाय ने पहले ही एक अन्य रिट याचिका के जरिए यह मुद्दा उठाया है, जो एक एकल न्यायाधीश के समक्ष लंबित है।
एकल न्यायाधीश ने दो नवंबर को अधिकारियों को नोटिस जारी किया और उनसे उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म में निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को भ्रष्ट दिखाया गया है और यह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती है।
इस मामले की सुनवाई 16 नवंबर को होनी है।
खंड पीठ ने कहा कि भले ही ये याचिकाकर्ता भी डॉक्टर हों, “हमें कार्यवाही के दोहराव का कोई कारण नजर नहीं आता”।
डॉ. नचिकेता भाटिया और डॉ. ध्रुव चौहान ने एक जनहित याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। उनका तर्क है कि फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर में डॉक्टरों के खिलाफ शारीरिक हिंसा को सकारात्मक अंदाज में दिखाया गया है और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भ्रष्टाचार को अनुचित रूप से सामान्यीकृत किया गया है।
भाषा प्रशांत वैभव
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