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विकासशील देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त प्रवाह में वृद्धि स्थिर हो रही: यूएनईपी

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की एक नयी रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों से विकासशील देशों को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त प्रवाह की राशि 2024 में 28.2 से 31.7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई। यह वह नवीनतम वर्ष है जिसके आंकड़े उपलब्ध हैं।

हालाँकि, यह 2023 की तुलना में एक अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि है, लेकिन यह उस गति से कम है जो ग्लासगो जलवायु समझौते के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ज़रूरी है। इस लक्ष्य के तहत 2019 के स्तर को 2025 तक दोगुना करके लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाना है।

बुधवार को, यूएनईपी द्वारा जारी ‘एडैप्टेशन गैप रिपोर्ट 2026’ में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि विकासशील देशों से अन्य विकासशील देशों की ओर वित्त प्रवाह बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, बहुपक्षीय विकास बैंकों के माध्यम से दिए गए योगदान और प्रत्यक्ष विकासशील देश सहयोग की राशि 2019 में 3.8 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024 में 9.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने एक बयान में कहा कि हालिया रिपोर्ट इस बहुत बड़ी कमी को उजागर करती है कि विकासशील देशों को खुद को ढालने के लिए जितने डॉलर की जरूरत होती है, उसके बदले उन्हें केवल 10 प्रतिशत ही मिल पाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस अंतर को केवल पैसों में नहीं मापा जा सकता। इसे जिंदगियों, आजीविकाओं और बर्बाद हुए भविष्य के रूप में मापा जाता है।’’

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश