चंडीगढ़, तीन नवंबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के नेता बलतेज पन्नू ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि धान की पराली के प्रबंधन के लिए भगवंत मान सरकार और किसानों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानबूझकर अनदेखी कर रही है।
पन्नू ने दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेता राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर ध्यान देने के बजाय पंजाब के किसानों को बलि का बकरा बना रहे हैं।
सिरसा ने मंगलवार को पराली जलाने के मुद्दे पर आप सरकार की आलोचना की थी।
पन्नू ने कहा कि संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 80 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि मान सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 21 हजार से अधिक मशीनें उपलब्ध कराई हैं।
पंजाब में आप के मीडिया प्रभारी ने सिरसा और भाजपा के अन्य नेताओं को चुनौती दी कि वे दुष्प्रचार करने के बजाय पंजाब आकर जमीनी हकीकत देखें।
उन्होंने केंद्र सरकार को भी याद दिलाया कि मान सरकार के प्रस्ताव के बावजूद उसने पराली प्रबंधन का वित्तीय बोझ साझा करने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को पंजाब के किसानों पर दोष मढ़ने के बजाय दिल्ली के प्रदूषण के लिए जवाब देना चाहिए।
पन्नू ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘धान की कटाई का मौसम ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था कि कुछ नेताओं ने दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को बदनाम करने का अभियान शुरू कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब का धुआं हरियाणा को पार करके किसी काल्पनिक पाइपलाइन के जरिये इतनी जल्दी दिल्ली कैसे पहुंच सकता है? भाजपा नेता राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के कई स्रोतों की अपनी सुविधा के अनुरूप अनदेखी कर रहे हैं। कई रिपोर्ट और यहां तक कि संसद में हुई चर्चाओं से भी यह स्पष्ट हुआ है कि पराली जलाना दिल्ली के प्रदूषण का एकमात्र कारण नहीं है।’’
आप नेता ने कहा कि किसान फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण खरीदने के लिए सरकार की ओर से दी जा रही 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी का तेजी से लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई किसान और निजी संचालक भी ये मशीनें किराये पर उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे अधिक किसानों के लिए इनका इस्तेमाल करना आसान हो गया है।
सिरसा पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा, ‘‘भाजपा नेताओं को दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे दिल्ली से हरियाणा होते हुए पंजाब तक की यात्रा करें और रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की तुलना करें। एक्यूआई के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई करीब 350, हरियाणा का 250 से 300 के बीच, जबकि पंजाब का करीब 125 था। जब एक रास्ते में पड़ने वाले दोनों राज्यों (हरियाणा और दिल्ली) में प्रदूषण का स्तर पहले से ही काफी अधिक है, तो दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?’’
भाषा संतोष वैभव
वैभव