मधुबनी, तीन नवंबर (भाषा) बिहार के मधुबनी जिले में बाबूबरही थाना क्षेत्र में पुलिस के एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) की कथित गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत और तीन लोगों के घायल होने के बाद मंगलवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे जिलाधिकारी (डीएम) आनंद शर्मा को भी विरोध का सामना करना पड़ा। एक महिला ने कथित तौर पर उनका कॉलर पकड़ लिया और उन्हें वहां से जाने से रोकने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीएम पीड़ित परिजनों से बातचीत के बाद जब वहां से निकलने लगे, तभी भीड़ में मौजूद एक महिला ने उनके कपड़े और कॉलर पकड़ लिए। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों को भी स्थिति संभालने में कुछ समय लगा। भीड़ में एक अन्य महिला के हाथ में चप्पल भी दिखाई दी।
पुलिस के अनुसार, बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ और खोजपुर इलाके में बीती देर रात पुलिस पिकेट पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) चंद्रमोहन सिंह ने कथित तौर पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोलीबारी कर दी। इस घटना में चार लोगों को गोली लगी। इनमें अशोक यादव (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
इधर, गोलीबारी की घटना के बाद मृतक के परिजनों से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा के कथित बयान को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि यदि सब कुछ ईश्वर की इच्छा से ही होना है तो पूरे जिला प्रशासन को इस्तीफा देकर कर्म और कालचक्र पर प्रवचन करना चाहिए।
राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में जिलाधिकारी के कथित बयान, ''जो ईश्वर के पास जाना है, वो जाना है...'' पर तंज कसते हुए यह टिप्पणी की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि बाबूबरही के बलिराजगढ़ में हुई गोलीबारी की घटना के बाद आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह को फरार कराने में पुलिस चौकी के सभी कर्मियों की मिलीभगत रही है। राजद ने आरोपी एएसआई को बर्खास्त करने और चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की।
राजद ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार पुलिस आरोपी एएसआई को छिपा रही है और स्थानीय लोगों को भी इस बात की आशंका है।
पार्टी ने आरोपी को बर्खास्त करने के बजाय केवल निलंबित किए जाने की आशंका जताते हुए कहा कि निलंबन को लेकर सरकार की कार्रवाई की वास्तविकता से पूरा बिहार परिचित है।
राजद ने आरोपी एएसआई के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने इसे बेहद कम बताते हुए आरोप लगाया कि बिहार पुलिस में प्रत्येक एएसआई की कथित अवैध दैनिक वसूली ही 25 हजार रुपये से अधिक होती है।
राजद ने लोगों से आरोपी एएसआई के बारे में जानकारी साझा करने की अपील के संदर्भ में आशंका जताई कि जानकारी देने वाले व्यक्ति को ही पुलिस झूठे मुकदमे में फंसा सकती है। पार्टी ने इसके लिए भाजपा-जदयू सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने आरोपी एएसआई को निलंबित कर उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि फरार एएसआई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और उसे निलंबित कर दिया गया है।
भाषा
कैलाश रवि कांत