कोरापुट, तीन नवंबर (भाषा) विवादित कोटिया सीमावर्ती क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को उस समय तनाव बढ़ गया, जब आंध्र प्रदेश पुलिस ने ओडिशा प्रशासन की ओर से कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश और पंचायत चुनाव के आयोजन को रोकने के लिए लगाए गए अवरोधकों को हटाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दोनों राज्यों के बीच दशकों से जारी विवाद हाल में फिर से गरमा गया, जब आंध्र प्रदेश सरकार ने ओडिशा के कुछ गांवों में पांच नवंबर को अपने पंचायत चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी की।
ओडिशा के कोरापुट जिले के पोट्टांगी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले कोटिया समूह के 28 गांवों में से 21 पर आंध्र प्रदेश अपना अधिकार होने का दावा करता रहा है।
ओडिशा पुलिस ने जांच चौकी के रास्ते कोटिया में प्रवेश करने से आंध्र प्रदेश पुलिसकर्मियों को रोक दिया, जिसके बाद दोनों राज्यों के पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने सीमा पार करने और कुछ स्थानीय ग्रामीणों को ओडिशा पुलिस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया।
इससे एक दिन पहले ओडिशा पुलिस ने इसी जांच चौकी के पास सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल से लदे आंध्र प्रदेश में पंजीकृत एक ट्रक को रोका था।
कोरापुट की उप-जिलाधिकारी फाबी रशीद ने कहा, “आंध्र प्रदेश पुलिस और अधिकारियों ने नेरिडिवलसा जांच चौकी पर लगे अवरोधक को जबरन हटाने का प्रयास किया। वे बातचीत करने के मूड में नहीं थे और अवरोधक हटाकर ओडिशा में प्रवेश करने पर अड़े थे। हमें समझ नहीं आ रहा था कि वे तेलुगु में क्या बोल रहे थे।”
कोरापुट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित वर्मा ने नेरिडिवलसा में दोनों राज्यों के पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, लेकिन आंध्र प्रदेश पुलिस को कोटिया क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
वर्मा ने कहा, “आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हमने कोटिया में पुलिस की कम से कम 16 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 कर्मी होते हैं) तैनात की हैं। हमारे जवान अगले कुछ दिनों तक इस क्षेत्र में तैनात रहेंगे।”
स्थिति पर नजर रखने के लिए जिले के विभिन्न हिस्सों से एएसपी और डीएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओडिशा ने सीमापार आवाजाही रोकने और प्रशासनिक या चुनाव संबंधी अतिक्रमण को रोकने के लिए नेरिडिवलसा, तालासेम्बी और फातुसेनेरी छक में तीन पुलिस चौकियां स्थापित की हैं।
वर्मा ने संवाददाताओं को बताया, “स्थिति नियंत्रण में है और हमारी तीनों जांच चौकियां काम कर रही हैं।”
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच 1930 के दशक से सीमा विवाद है। दोनों राज्य कोटिया गांवों पर प्रशासनिक अधिकार का दावा करते रहे हैं और यह मामला 1968 से उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
क्षेत्र के निवासियों के पास दोहरे मतदाता पहचान पत्र हैं और वे दोनों राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेते हैं।
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने ओडिशा के क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के आंध्र प्रदेश के कदम की आलोचना की।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार उनके इस कदम का विरोध कर रही है और ओडिशा के गांवों में पंचायत चुनाव कराने संबंधी उनकी अधिसूचना को चुनौती देते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर, राज्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य लोगों के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर की है।”
भाषा पारुल माधव
माधव