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विपक्ष चुनाव हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाता है: नड्डा

बरेली, तीन नवंबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि वह लगातार निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाता है और चुनाव हारने के बाद अपनी हार का ठीकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर फोड़ता है।

नड्डा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होने के लिए मंगलवार को बरेली में थे।

उन्होंने कहा, ''विपक्ष का एकमात्र काम भ्रम फैलाना है। वह लगातार निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाता है और चुनाव हारने के बाद अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ता है।''

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वह लोकतंत्र की बात कर रहे हैं, जबकि देश ने कांग्रेस शासन के दौरान आपातकाल का दौर देखा था।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों की बात तक नहीं सुनी गई। नड्डा ने बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा था। उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।

नड्डा ने कहा, ''आधी शताब्दी से हम लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष हारने पर ईवीएम पर सवाल उठाता है। निर्वाचन आयोग ने ईवीएम हैकाथॉन की चुनौती दी, मगर राहुल गांधी, कांग्रेस और अखिलेश यादव इसमें शामिल नहीं हुए।''

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ''बचपन में बच्चे पास होने पर खुद को होशियार और फेल होने पर शिक्षक को दोष देते हैं। राहुल गांधी भी कुछ ऐसा ही करते हैं। चुनाव जीते तो अपनी काबिलियत और हारें तो निर्वाचन आयोग पर सवाल, यही उनकी राजनीति बन गई है।''

नड्डा ने आरोप लगाया, ''जिन पूर्व चुनाव आयुक्तों को आपने कुलपति, गृह मंत्रालय में सलाहकार, संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि और राज्यपाल जैसे पदों पर नियुक्त किया, आज आप ही ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहे हैं! पहले अपने गिरेबान में झांकिए। 70 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।''

केंद्रीय मंत्री ने पुराने उदाहरणों का हवाला देते हुए आरोप लगाया, ''कांग्रेस की 15 सदस्यीय पीसीसी समिति में 12 सदस्यों ने सरदार पटेल जी को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में वोट दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नेहरू को बनाया गया। वहीं, इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध घोषित होने पर कानून ही बदल दिया गया। जिसकी नींव ही वोट चोरी पर टिकी हो, वे आज किस मुंह से सवाल उठाते हैं?''

नड्डा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में मुजफ्फरनगर, बरेली, मथुरा, प्रतापगढ़, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ सहित कई स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं।

उन्होंने विपक्षी नेताओं पर प्रहार करते हुए कहा, ''ये जो सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि यह एक लोकतांत्रिक देश है। चुनाव आएंगे तो दो-दो हाथ कर लेना। भारत की जनता तय करेगी कि किसे वोट देना है और किसे नहीं।''

नड्डा ने यह भी आरोप लगाया, ''जब मैं 'इंडिया' गठबंधन की बात करता हूं तो उसमें चार ऐसे नेता हैं, जो जमानत पर हैं और 13 ऐसे नेता हैं, जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। यही है 'इंडिया' गठबंधन।''

भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई ने बरेली में आयोजित पदयात्रा पर सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''बरेली की सड़कों पर उमड़ा यह अभूतपूर्व जनसमर्थन लोकतंत्र की गरिमा और राष्ट्र की एकता के प्रति जनता के अटूट विश्वास का उद्घोष है। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की जनता अराजकता और विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार करने वाली नहीं, बल्कि सुशासन, राष्ट्रहित और सशक्त लोकतंत्र के संकल्प के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।''

भाषा

सं, जफर रवि कांत