नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) टाटा मोटर्स और इटली की वाणिज्यिक वाहन कंपनी इवेको समूह को एक साथ आने से अगले पांच साल में वाहनों की बिक्री, राजस्व और मार्जिन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को यह बात कही।
दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि उनके पूरक उत्पाद पोर्टफोलियो और भौगोलिक मौजूदगी से 130 से अधिक देशों में कारोबार करने वाली वैश्विक कंपनी बनेगी।
टाटा मोटर्स ने नकद निविदा पेशकश के शुरुआती निपटान के बाद इवेको में 89.42 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इस हिस्सेदारी का खरीद मूल्य करीब 3.43 अरब यूरो है। दोनों कंपनियों का संयुक्त कारोबार करीब 2.28 लाख करोड़ रुपये (21 अरब यूरो) का होगा और यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता कंपनी बनेगी।
यह 2008 में फोर्ड से जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण करने के बाद टाटा मोटर्स का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। हालांकि, अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
चंद्रशेखरन ने इटली के ट्यूरिन स्थित इवेको मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहन कारोबार और इवेको समूह का संयुक्त उत्पादन फिलहाल करीब छह लाख वाहन का है। दोनों कंपनियां लाभ में हैं और नकदी का भी सृजन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों की भौगोलिक मौजूदगी, उत्पाद पोर्टफोलियो और प्रौद्योगिकी क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। संयुक्त कारोबार की भारत, यूरोप और लातिनी अमेरिका में मजबूत मौजूदगी होगी, जबकि एशिया और अफ्रीका में भी इसकी पहुंच बढ़ेगी।
चंद्रशेखरन ने कहा कि संयुक्त कारोबार को केवल ट्रक बनाने वाली कंपनी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसके उत्पादों में ट्रक, बस और खनन एवं निर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष वाहन शामिल हैं। इसके अलावा इंजन और डिजिटल कारोबार भी वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों के एकीकरण का मकसद केवल कारोबार का आकार बढ़ाना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए वृद्धि आधारित वैश्विक वाणिज्यिक वाहन कंपनी तैयार करना है। दोनों कंपनियां अपने इंजीनियरिंग, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी संसाधनों को मिलाकर भविष्य के उत्पाद विकसित करेंगी।
चंद्रशेखरन ने इवेको समूह के कुछ उत्पादों की भारतीय बाजार में अच्छी संभावनाएं बताते हुए कहा कि कंपनियां ऐसे उत्पादों की पहचान कर रही हैं और इनका भारत में स्थानीयकरण किया जाएगा। इसी तरह टाटा मोटर्स के उत्पादों और प्लेटफॉर्म को इवेको के अन्य बाजारों में इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गिरिश वाघ ने कहा कि दोनों कंपनियां इवेको की इंजन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल भारत और अन्य बाजारों में औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए बढ़ाने की संभावनाएं तलाशेंगी। हालांकि, भारत में भारी वाणिज्यिक वाहनों के लिए इंजन की आपूर्ति को लेकर कमिंस के साथ टाटा मोटर्स का मौजूदा संयुक्त उद्यम जारी रहेगा।
इस मौके पर इवेको समूह के सीईओ ओलफ पर्सन ने बताया कि टाटा मोटर्स की खुली पेशकश 26 अक्टूबर को पूरी होने के बाद 30 अक्टूबर को इवेको का नियंत्रण आधिकारिक रूप से टाटा मोटर्स के पास आ गया।
वाघ ने कहा कि टाटा मोटर्स इवेको को इटली के शेयर बाजारों से सूचीबद्धता समाप्त कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा बताने से इनकार किया, लेकिन कहा कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
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