प्रयागराज, तीन नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के म्योराबाद क्षेत्र में नसबंदी के लिए आवारा कुत्तों को पकड़ने गई नगर निगम की टीम के साथ अभद्रता करने, कर्मचारियों को बंधक बनाने और पकड़े गए नौ कुत्तों को जबरन ले जाने के आरोप में सात नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मंगलवार को करेली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
नगर निगम के पशु कल्याण विभाग में नायब मोहर्रिर विकास सारस्वत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जनशिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम सोमवार को आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी करने के लिए म्योराबाद गई थी। इसी दौरान वंशिका, पूनम डिसूजा, गोलू खान, आकांक्षा मिश्रा, मोहम्मद जीशान, आयशा और 10-15 अज्ञात लोगों ने टीम के काम में बाधा डालनी शुरू कर दी।
शिकायत के मुताबिक, पुलिस के हस्तक्षेप से टीम 13 आवारा कुत्तों को पकड़कर करेली स्थित कुत्ता संरक्षण केंद्र ले गई। शाम करीब चार बजे उक्त लोगों ने केंद्र पर धावा बोलकर कर्मचारियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की तथा उन्हें करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा।
आरोप है कि इन लोगों ने एक-एक कमरे का दरवाजा खोलकर नौ कुत्तों को अपने वाहनों में रख लिया और वहां से ले गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस घटना का वीडियो भी मौजूद है।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि वंशिका और उनके सहयोगी एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के नाम पर संगठित गिरोह चलाते हैं। वे अपने आसपास के आवारा कुत्तों को मारकर उनका मांस बेचते हैं और इससे मोटा मुनाफा कमाते हैं। इसी वजह से इन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया।
वहीं, वंशिका ने इन आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि नगर निगम की टीम ने कुत्तों को गलत तरीके से पकड़ा था और उन्हें जिस केंद्र में नसबंदी के लिए ले जाया गया, वह बुनियादी नियमों का पालन किए बिना अवैध रूप से संचालित हो रहा है।
उन्होंने दावा किया कि करेली स्थित केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है, लेकिन वहां पिछले चार साल से कैमरे नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ''ये लोग सीसीटीवी कैमरे इसलिए नहीं लगा रहे हैं, ताकि वे कुत्तों को मारकर गायब कर सकें और उनका मांस बेच सकें।''
पुलिस ने बताया कि करेली थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 3(5), 352, 351(3), 127(2), 132, 221, 224, 296 और 305(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाषा
राजेंद्र रवि कांत