भुवनेश्वर, तीन नवंबर (भाषा) ओडिशा सरकार को नवीकरणीय ऊर्जा और उभरते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में 18 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के जरिये करीब 1,17,557 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे लगभग 11,742 मेगावाट की संभावित क्षमता बढ़ने का अनुमान है।
ये समझौता ज्ञापन नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी (एक्सपो) 2026 में हस्ताक्षरित किए गए।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रस्तावित निवेश में पंप स्टोरेज, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी भंडारण, हरित हाइड्रोजन, हरित डेटा केंद्र और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, ‘‘ओडिशा कारोबार के लिए खुला है और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए तैयार है।’’
उन्होंने 2047 तक राज्य की कुल स्थापित बिजली क्षमता का 74 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल करने और पूर्वी भारत में स्वच्छ ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने का लक्ष्य भी बताया।
मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग का प्रभार संभाल रहे के. वी. सिंह देव की मौजूदगी में ओडिशा मंडप का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर ‘ओडिशा में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसर’ विषय पर राज्य स्तरीय पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें 900 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भाषा यासिर अजय
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