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सरकार सुनिश्चित कर रही कि उज्बेकिस्तान में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले: विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार इस बात पर ध्यान दे रही है कि मेडिकल या अन्य पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए उज्बेकिस्तान जाने वाले भारतीय छात्रों को ‘‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’’ मिले और वे भारत में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के दिशानिर्देशों का पालन करें।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

जायसवाल उन खबरों से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे, जिनमें दावा किया गया है कि उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है। उन्होंने इस बारे में भी जवाब दिया कि क्या इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच कोई बातचीत चल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हम उज्बेकिस्तान पक्ष के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ताशकंद में भारतीय दूतावास द्वारा पूर्व में जारी किये गए परामर्शों और एनएमसी के परामर्श का जिक्र किया। इन परामर्शों में उन छात्रों के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं जो न केवल उज्बेकिस्तान में, बल्कि कई अन्य जगहों पर भी पढ़ाई करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कृपया जारी किये गए परामर्शों पर जरूर गौर करें।’’

दूतावास ने 25 जून को जारी परामर्श में, उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों को सलाह दी थी कि यदि वे किसी शिक्षा सलाहकार की मदद लेना चाहते हैं, तो केवल उन्हीं सलाहकार की सेवाएं लें जिनका कारोबार भारत में पंजीकृत हो।

छात्रों को यह परामर्श दिया गया है कि वे उज्बेकिस्तान में पढ़ाई करने के लिए छात्र वीजा पर ही जाएं।

परामर्श के अनुसार, ‘‘ई-वीजा पर जाने वाले छात्रों के कुछ मामले दूतावास के संज्ञान में आए हैं। यदि कोई कठिनाई आती है, तो दूतावास के अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव