जम्मू, तीन नवंबर (भाषा) जम्मू अपराध शाखा की आर्थिक अपराध इकाई ने एक पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवार द्वारा कथित धोखाधड़ी से स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (पीआरसी) हासिल करने के 13 साल पुराने मामले में मंगलवार को आरोप पत्र दाखिल किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अपराध शाखा के एक प्रवक्ता ने बताया कि मूल रूप से सियालकोट के रहने वाले लखन सिंह के परिवार ने कथित तौर पर पंजाब से जम्मू आने के बाद राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से जनगणना के रिकॉर्ड और वंशावली संबंधी विवरण में हेराफेरी कर ये प्रमाणपत्र हासिल किए थे।
उन्होंने बताया कि जम्मू के भ्रष्टाचार निरोधक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में रणबीर दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
वर्ष 2013 में दर्ज यह मामला एक शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सिंह ने पंजाब से जम्मू आने के बाद राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से जनगणना के रिकॉर्ड और वंशावली संबंधी विवरण में हेराफेरी कर अपने और अपने परिवार के लिए धोखाधड़ी से स्थायी निवासी प्रमाणपत्र हासिल किए थे।
प्रवक्ता ने बताया कि जांच में पता चला कि कथित तौर पर जाली प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल उनके दो बेटों प्रेम सिंह और प्रभाकर सिंह ने क्रमशः संपदा विभाग में सरकारी नौकरी हासिल करने तथा सरपंच का चुनाव लड़ने और दो बार इस पद पर रहने के लिए किया था।
उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी, जो बिजली विकास विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी था, और जम्मू के तहसीलदार सतपाल गुप्ता की मौत हो चुकी है। हालांकि, जांच में जीवित आरोपियों प्रेम सिंह और प्रभाकर सिंह की कथित आपराधिक संलिप्तता सामने आई है।
उन्होंने बताया कि इसके बाद न्यायिक कार्यवाही के लिए चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
भाषा वैभव माधव
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