नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने आगरा में 32 वर्षीय रेलवे अधिकारी की कथित आत्महत्या के मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस मामले में कार्यस्थल पर प्रतिकूल माहौल और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
आगरा रेल मंडल में सहायक परिचालन प्रबंधक (एओएम) अभिषेक सिंह कुशवाहा रविवार रात करीब 11 बजे मंडल कार्यालय स्थित एक कक्ष में मृत पाए गए थे।
कुशवाहा की पत्नी और मां ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) की ओर से कार्यस्थल पर प्रतिकूल माहौल बनाने और मानसिक उत्पीड़न के कारण कुशवाहा ने जान दे दी।
मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैंने सोमवार शाम रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से इस मामले पर बात की थी और उन्होंने मुझे बताया कि वह इस घटना से अवगत हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने बताया, “मैंने उनसे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया, क्योंकि अतीत में भी संबंधित अधिकारी पर उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। महासंघ की मांग है कि मामले की पारदर्शी जांच हो और आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सख्त तथा स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली कार्रवाई की जाए।”
कुशवाहा की पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी उनके पति को तनावपूर्ण माहौल में काम करने के लिए मजबूर करते थे, उनसे सुबह नौ बजे से रात 11 बजे तक काम कराते थे और आदेशों का पालन नहीं करने पर उनका करियर बर्बाद करने की धमकी देते थे।
संपर्क किए जाने पर वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) कुलदीप मीणा ने बताया कि वह प्रेस से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
हालांकि, आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया, “अधिकारी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। पुलिस जांच जारी होने के कारण मैं फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कह सकता।”
भाषा जितेंद्र अविनाश
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