रायपुर, तीन नवंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) पर चर्चा करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
शाह ने विपक्ष को इस बहस में शामिल होने की चुनौती दी।
उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने माओवादियों की असंवैधानिक 'जनताना सरकार' का समर्थन किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल ने हाल में एक ‘‘नकली संसद’’ आयोजित करके संसद का मजाक उड़ाया।
शाह ने नवा रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीति स्पष्ट है कि जो ‘‘लोग कानून का पालन करते हैं, उन्हें नागरिक माना जाएगा, जबकि कानून तोड़ने वालों से सुरक्षा बल सख्ती से निपटेंगे, चाहे वह बस्तर हो, पूर्वोत्तर हो या कश्मीर।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल जी, नरेन्द्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। संसद चलने दीजिए। हम विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। अगर हिम्मत है तो देश की जनता के सामने चर्चा करके दिखाइए। हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता, आचरण संवैधानिक होना चाहिए। आपने संसद को रोक रखा है। आप संसद चलने दीजिए। चर्चा में दो-दो हाथ कर लीजिए। देश की जनता को मालूम पड़ जाएगा कि सच्चा कौन है और झूठा कौन।’’
शाह ने कांग्रेस पर लगातार नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए 2010 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक कथित बयान का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि माओवादियों को अपने हथियार डालने की जरूरत नहीं है, बस उन्हें हिंसा बंद कर देनी चाहिए।
शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने माओवादियों की समानांतर 'जनताना सरकार' का समर्थन किया था। इस 'सरकार' का अपना गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री था, जबकि इसे कोई संवैधानिक मान्यता प्राप्त नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने एक नकली 'जनताना सरकार' और असंवैधानिक सरकारों का समर्थन किया, और अब उन्होंने एक 'नकली संसद' आयोजित करके संसद का मजाक उड़ाया है।’’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘एक 'नकली संसद' आयोजित करके, उन्होंने चर्चा के नाम पर केवल एक दिखावा किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राहुल जी से कहना चाहता हूं कि नरेन्द्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है।’’
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व में 15 साल के भाजपा शासन के दौरान विकास कार्य किए गए थे, लेकिन उस दौरान केंद्र की कांग्रेस सरकार में नक्सलवाद को खत्म करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी और इस कारण आदिवासी क्षेत्रों में विकास का सपना अधूरा रह गया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में (2023 में) भाजपा के सत्ता में लौटने के बाद राज्य सरकार ने महज दो महीने के भीतर नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया।
शाह ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, वे हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं और जो ऐसा करने से इनकार करेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बल कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है और बाकी 10 प्रतिशत मारे गए हैं जिसके परिणामस्वरूप देश नक्सलवाद से मुक्त हो गया है।
शाह ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में ‘‘पहले रही स्थिति’’ का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जिस धरती पर संस्कृति की गलियां होनी चाहिए थीं, वहां ‘रेड कॉरिडोर’ बनाया गया था। जिस जंगल से महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीत निकलने चाहिए थे, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा करके बंदूक थमा दी गई। जहां स्कूल की घंटी बजनी चाहिए थी, वहां स्कूल की इमारत ही उड़ा दी गई थी।’’
‘‘मानवाधिकारों के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों’’ पर सवाल उठाते हुए शाह ने पूछा कि क्या मानवाधिकार केवल विकास में बाधा डालने वाले हथियारबंद माओवादियों के लिए हैं, गरीब आदिवासियों के लिए नहीं?
उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 30 वर्ष में हिंसा के कारण अपने अंग गंवाने वाले लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए हैं, ताकि वे बेहतर जीवन जी सकें।
शाह ने कहा, ‘‘जो लोग बस्तर की स्थिति पर लंबे-चौड़े लेख लिखते थे और सलाह देते थे, लेकिन उनमें इस क्षेत्र में आकर एक दिन बिताने की भी हिम्मत नहीं थी, मैं अब उन्हें आमंत्रित करता हूं। डरो मत, अब कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचाएगा। आओ और यहां विकास की लहर देखो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपको लोगों की थोड़ी भी परवाह है, तो यहां के लोगों के दर्द और तकलीफों को उजागर करते हुए कुछ लेख लिखिए।’’
शाह ने छत्तीसगढ़ के लोगों, खासकर आदिवासी समुदाय को राज्य के नक्सलवाद से मुक्त होने और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस का आभार भी जताया।
शाह ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरेगा।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के खनिज संपदा से भरपूर होने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘पहले कहा जाता था कि यहां की जमीन तो समृद्ध है लेकिन यहां के लोग गरीब हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि 10 साल के भीतर यहां की जमीन और यहां के लोग, दोनों ही समृद्ध हो जाएंगे। यह नरेन्द्र मोदी की गारंटी है।’’
शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा के पिछले तीन कार्यकाल और मौजूदा चौथा कार्यकाल छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाएगा तथा राज्य में संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदला जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने दिन में नवा रायपुर में 'विकसित भारत संकल्प पार्क' 'पीपल वन' का उद्घाटन किया, जहां एक ही जगह पर 2,500 पीपल के पेड़ लगाए गए हैं।
शाह ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि अकेले नवा रायपुर में पांच लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर के 'पीपल सिटी' बनने के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में उभरेगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि लगभग 16 एकड़ में फैले इस पार्क में 2,500 से अधिक पीपल के पेड़ और स्थानीय प्रजातियों के 500 से अधिक पौधे हैं।
इस समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद थे।
एक बयान के अनुसार, इससे पहले दिन में शाह ने रायपुर में 'आर्टेमिस शांति अस्पताल' का उद्घाटन किया।
भाषा संजीव सिम्मी
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