Breaking News

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का जिम्मेदार हैरी बॉक्सर अमेरिका में हिरासत में     |   गाजियाबाद पुलिस चौकी के अंदर धमाका, 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' ने ली जिम्मेदारी     |   दिल्ली में प्रदूषण का असर, कक्षा 5वीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड क्लास का आदेश     |   गुजरात: नवसारी में प्लास्टिक की दुकान में लगी आग     |   होर्मुज के पास ईरान का बड़ा एक्शन! अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा     |  

प्रियंका ने उप्र के नेताओं के साथ चुनाव तैयारियों पर चर्चा की, समितियों के गठन व रणनीति पर हुआ मंथन

नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए प्रमुख पार्टी नेताओं के साथ मंगलवार को बैठक की।

चुनाव से जुड़ी विभिन्न समितियों के गठन, प्रदेश कार्यकारिणी और चुनाव अभियान को गति देने के मुद्दों पर बैठक में विचार-विमर्श किया गया।

इस बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और अन्य अन्य नेता मौजूद थे।

बैठक के बाद गौतम ने बताया कि उन्होंने और अन्य नेताओं ने प्रियंका गांधी के साथ उत्तर प्रदेश चुनाव और विभिन्न समितियों के गठन को लेकर चर्चा की।

उन्होंने कहा, ''हमने प्रदेश कार्यकारिणी के गठन और पूरे चुनाव अभियान को किस तरह आगे बढ़ाया जाए, इस पर भी विचार-विमर्श किया। प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है और कुछ नामों को अंतिम रूप दिया गया है। आधिकारिक पुष्टि होने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी।''

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि यह पहली बैठक थी, जिसमें चुनाव के लिए गठित की जाने वाली विभिन्न समितियों पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा, ''बैठक में चुनाव के लिए जरूरी विभिन्न समितियों के गठन पर चर्चा की गई। इनमें चुनाव अभियान समिति, घोषणा पत्र समिति और ऐसी कई अन्य समितियां शामिल हैं, जिनका गठन आमतौर पर चुनाव से पहले किया जाता है।''

गौतम ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन के तहत कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी और दोनों दल चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन में छोटे दलों को शामिल करने के मुद्दे पर कांग्रेस और सपा के नेता आपस में चर्चा करेंगे। इसके बाद उपयुक्त दलों को गठबंधन में शामिल किया जाएगा।

गौतम का कहना था, ''मेरी व्यक्तिगत राय है कि कई ऐसे छोटे दल हैं, जिनकी विचारधारा हमसे मिलती-जुलती है। वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन 'इंडिया' गठबंधन का समर्थन करना चाहते हैं। ऐसे दलों को साथ लेने पर विचार किया जा सकता है।''

भाषा हक अविनाश

अविनाश