Breaking News

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का जिम्मेदार हैरी बॉक्सर अमेरिका में हिरासत में     |   गाजियाबाद पुलिस चौकी के अंदर धमाका, 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' ने ली जिम्मेदारी     |   दिल्ली में प्रदूषण का असर, कक्षा 5वीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड क्लास का आदेश     |   गुजरात: नवसारी में प्लास्टिक की दुकान में लगी आग     |   होर्मुज के पास ईरान का बड़ा एक्शन! अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा     |  

इजराइल को चार अरब डॉलर की सहायता रोकेगा अमेरिका, हथियारों की बिक्री जारी रखेगा: ट्रंप

वाशिंगटन, तीन नवंबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका 2027 में इजराइल को हर साल दी जाने वाली चार अरब डॉलर की सहायता बंद कर देगा, लेकिन पश्चिम एशिया में अपने सबसे करीबी सहयोगी को हथियारों की बिक्री करेगा।

रिपब्लिकन पार्टी के नेता ट्रंप ने मंगलवार को फोन पर ‘फॉक्स न्यूज चैनल’ से बातचीत में कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनके सामने यह विचार रखा था और दोनों इस बारे में पिछले कुछ वर्षों से चर्चा कर रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि इजराइल को इस सहायता की जरूरत नहीं है और अमेरिका को बड़ी रकम खर्च करनी होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल को अमेरिकी सहायता का मुद्दा मिशिगन से सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद जैसे डेमोक्रेटिक प्रत्याशियों के लिए राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

ट्रंप ने कहा, ''आप इसे वस्तुओं की अदला-बदली मान सकते हैं। आप इसे सैन्य सहायता या नकद राशि मान सकते हैं। देखिए, हम उन्हें चार अरब डॉलर के सामान और रकम देते हैं और उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। नेतन्याहू ने मुझसे इस बारे में बात की थी और हम पिछले कुछ वर्षों से इस पर चर्चा कर रहे हैं, क्योंकि यह बहुत बड़ी रकम है।''

नेतन्याहू के कार्यालय से इस बारे में कोई वक्तव्य अभी तक नहीं आया है।

अमेरिका ने पिछले कुछ सालों में इजराइल को अरबों डॉलर की सैन्य सहायत भेजी है।

पिछले साल प्रकाशित एक अकादमिक अध्ययन में बताया गया था कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और राष्ट्रपति जो बाइडन तथा डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान अमेरिका ने 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल को कम से कम 21.7 अरब डॉलर की सैन्य सहायता दी है।

यह अध्ययन सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमास के हमलों की दूसरी बरसी पर प्रकाशित किया गया था। इन्हीं हमलों के बाद संघर्ष शुरू हुआ था।

ब्राउन विश्वविद्यालय के वाटसन स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स की ‘कॉस्ट्स ऑफ वॉर’ परियोजना की ओर से पिछले साल प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में कहा गया था कि अमेरिका ने इससे पिछले दो वर्षों में व्यापक पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा सहायता और सैन्य अभियानों पर करीब 10 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च किए थे।

एपी वैभव माधव

माधव