नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कहा कि वह 2023 के मणिपुर यौन उत्पीड़न मामले में तीसरी पीड़िता का बयान दिलाए और गुवाहाटी की एक विशेष अदालत में सुनवाई के लिए तय तारीखों पर इसे दर्ज कराना सुनिश्चित करे।
यह घटना 4 मई 2023 की है, जब मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान, थौबल जिले में भीड़ ने कुकी-जो समुदाय की तीन महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाया था।
इनमें से दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस घटना के दौरान, पीड़ितों में से एक के पिता और भाई की भी कथित तौर पर हत्या कर दी गई।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की एक पीठ ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता के अलावा तीन पीड़ित और हैं। इनमें से एक पीड़ित से जिरह पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरे पीड़ित का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
पीठ ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि तीसरी पीड़िता भी 13, 16 और 19 नवंबर को अधीनस्थ अदालत में अपना बयान दर्ज कराए।
ये तारीखें विशेष न्यायाधीश द्वारा तय की गई हैं।
शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर के बाद के लिए निर्धारित कर दी।
सुनवाई की शुरुआत में, सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजा ठाकरे ने पीठ को इस बात से अवगत कराया कि मामले में सुनवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही हो रही है।
आरोपियों में से एक, युमलेम्बम जिबन सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फ़रासत ने कहा कि न्यायालय के निर्देश के बावजूद, किसी न किसी कारण से मुकदमे में देरी हुई है। आरोपी जमानत का अनुरोध कर रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने पांच अक्टूबर को सीबीआई और अधीनस्थ अदालत को निर्देश दिया था कि वे मणिपुर यौन उत्पीड़न मामले में दो मुख्य पीड़ित-गवाहों की उपस्थिति और उनसे पूछताछ सुनिश्चित करें।
शीर्ष अदालत सीबीआई की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही। इनमें से एक याचिका दो आरोपियों को मिली जमानत रद्द करने के लिए है, जबकि दूसरी याचिका तीसरे आरोपी से संबंधित है, जिसे जमानत नहीं मिली है।
मणिपुर में 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़क गई थी। यह हिंसा पर्वतीय जिलों में आयोजित आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद शुरू हुई, जो बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति दर्जा पाने की मांग के विरोध में निकाला गया था।
भाषा सुभाष माधव
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