नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा विनिर्माताओं के लिए प्रत्येक खेप (बैच) को जारी करने की जिम्मेदारी किसी उपयुक्त योग्य और अनुभवी व्यक्ति को औपचारिक रूप से सौंपना तथा निर्मित हर खेप का निर्धारित रिकॉर्ड रखना अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय ने मंगलवार को आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।
खेप या बैच जारी करना दवा विनिर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। इसमें किसी खेप को वितरण के लिए जारी करने से पहले गुणवत्ता से जुड़े सभी प्रासंगिक मानकों और दस्तावेजों की समग्र समीक्षा की जाती है।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह प्रस्ताव औषधि नियम, 1945 में संशोधन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य दवा विनिर्माण प्रक्रिया में जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है।
बयान में कहा गया कि इस प्रस्ताव का मकसद खेप जारी करने के लिए जिम्मेदार कर्मियों के प्राधिकरण संबंधी स्पष्ट नियामकीय प्रावधान लागू करके दवा विनिर्माण प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाना है।
फिलहाल, विनिर्माण लाइसेंस के लिए लाइसेंसधारकों को विनिर्माण और परीक्षण के लिए जिम्मेदार सक्षम तकनीकी कर्मचारियों का विवरण देना होता है, लेकिन खेप जारी करने के लिए अधिकृत व्यक्ति का नाम बताने का कोई विशेष प्रावधान नहीं है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रस्तावित व्यवस्था के तहत औषधि नियम, 1945 के संबंधित प्रावधानों में विनिर्माण लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को खेप जारी करने के लिए उपयुक्त रूप से योग्य और अनुभवी व्यक्ति नामित करना होगा तथा निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार बैच जारी करने का रिकॉर्ड रखना होगा।’’
संशोधनों में नियमों के तहत खेप जारी करने के प्रमाणपत्र के लिए एक निर्धारित प्रारूप लागू करने का प्रस्ताव भी है।
प्रस्तावित आवश्यकताओं का उद्देश्य इस कार्य के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय करना, खेप जारी करने से जुड़े फैसलों का पता लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करना और उत्पाद की गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक अतिरिक्त स्तर उपलब्ध कराना है।
मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों पर आपत्तियां और सुझाव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव (औषधि विनियमन) को भेजे जा सकते हैं।
भाषा यासिर अजय
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