कोलकाता, तीन नवंबर (भाषा) कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में मंगलवार को कई जगहों पर ऐसे पोस्टर दिखाई देने के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद में कथित तौर पर “सोने” की तस्वीर प्रकाशित की गई है।
कांग्रेस ने इन पोस्टर को राहुल को बदनाम करने की मुहिम करार दिया। पार्टी ने दावा किया कि यह मुहिम संसद के अंदर और बाहर राहुल के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की घबराहट को दर्शाती है।
पोस्टर पर किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम नहीं है। इन्हें सॉल्ट लेक में करुणामयी बस टर्मिनस और करुणामयी क्रॉसिंग के पास लगाया गया।
पोस्टर में राहुल की एक तस्वीर प्रकाशित करते हुए लिखा गया है, “क्या देश का नेता ऐसा होना चाहिए?”
स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार शाम तक इलाके में ये पोस्टर दिखाई नहीं दिए थे, लेकिन रातोंरात कई जगहों पर लगा दिए गए।
पोस्टर के पीछे किन लोगों का हाथ है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। भाजपा ने पोस्टर लगाने में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
यह घटनाक्रम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत कोलकाता में एक बड़ा मार्च निकाले जाने के एक दिन बाद सामने आया है।
मार्च के दौरान नवीन ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
हालांकि, मार्च के दौरान कांग्रेस नेता को निशाना बनाने वाला ऐसा कोई पोस्टर नजर नहीं आया था।
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने भाजपा पर एक गुप्त अभियान के जरिये राहुल की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि ये पोस्टर संसद के भीतर और बाहर राहुल के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को लेकर भाजपा की घबराहट को दर्शाते हैं।
सरकार ने कहा कि यह अभियान पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की प्रासंगिकता को और मजबूत करेगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष के राष्ट्रीय स्तर के एक नेता की छवि खराब करने के लिए हथकंडे अपना रही है।
किसी भी राजनीतिक दल ने इन पोस्टर को लगाने की जिम्मेदारी नहीं ली है।
भाषा पारुल माधव
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