जम्मू, तीन नवंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री प्रेम सागर अजीज मंगलवार को फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने उनकी वापसी को देश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य का संकेत बताया।
कठुआ जिले के बनी-बसोहली क्षेत्र के रहने वाले अजीज ने अक्टूबर 2021 में नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था।
उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के तत्कालीन प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के समर्थन में इस्तीफा दिया था।
राणा भी उस समय भाजपा में शामिल हो गए थे। अजीज पहले 45 वर्षों तक कांग्रेस से जुड़े रहे थे। वह मई 1972 में पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने 2002 में कांग्रेस के टिकट पर कठुआ जिले की बनी विधानसभा सीट से चुनाव जीता था।
कर्रा ने प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अजीज और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि अजीज ने कांग्रेस में विभिन्न जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया और ब्लॉक स्तर से शुरुआत कर मंत्री पद तक पहुंचे।
कर्रा ने कहा, ‘‘उन्हें (अजीज को) जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने उसे पूरी ईमानदारी से निभाया। वह ब्लॉक स्तर से आगे बढ़ते हुए मंत्री बने। हालांकि, एक समय वह हमसे अलग हो गए और पार्टी छोड़ दी लेकिन आज उनकी वापसी हुई है। मेरा मानना है कि यह बदलते राजनीतिक दौर का संकेत है।’’
उन्होंने कहा कि अजीज की वापसी लोगों की राजनीतिक सोच में व्यापक बदलाव का प्रतीक है, खासकर भाजपा की ‘‘विभाजनकारी राजनीति’’ के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया के संदर्भ में।
अजीज ने कहा कि आठ साल बाद कांग्रेस में उनकी वापसी पार्टी और उसके नेतृत्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करती है।
उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष, विधायक, मुख्य सचेतक और मंत्री तक विभिन्न पदों पर पार्टी की सेवा की।
अजीज ने स्वीकार किया कि उनके पार्टी छोड़ने से कांग्रेस के नेता नाराज हुए थे लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा था।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि वह पार्टी और जनता के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।
भाषा जितेंद्र नरेश
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