चंडीगढ़, तीन नवंबर (भाषा) नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी एसएईएल इंडस्ट्रीज ने मंगलवार को कहा कि उसने ऊर्जा उत्पादन के लिए 20 लाख टन धान की पराली की खरीद शुरू कर दी है। इस पहल से पराली जलाने के विकल्प को बढ़ावा मिलने के साथ ही सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कहा कि पराली की खरीद चरणबद्ध तरीके से की जाएगी और इसे कंपनी के 11 कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा संयंत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा में बदला जाएगा।
गेहूं और अन्य रबी फसलों की बुवाई से पहले किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने से देश के उत्तरी हिस्सों में वायु प्रदूषण बढ़ता है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अनुसार, पंजाब में सितंबर से नवंबर के बीच पराली जलाने के 1,612 मामले दर्ज किए गए हैं। तरनतारन, फिरोजपुर, अमृतसर, कपूरथला और संगरूर उन जिलों में शामिल हैं, जहां पराली जलाने के काफी मामले सामने आए हैं।
इस बीच, मंगलवार को दिल्ली में धुंध की मोटी चादर छाने के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया।
एसएईएल इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला ने कहा कि धान की पराली और अन्य फसल अवशेषों को अब केवल मौसमी कचरे के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक मूल्य वाले संसाधनों के तौर पर देखा जाना चाहिए।
कंपनी ने कहा कि उसकी खरीद पहल से किसानों को पराली प्रबंधन के बेहतर तरीके अपनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे किसानों की अतिरिक्त आय और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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