तिरुवनंतपुरम, तीन नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने मंगलवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव करते हुए कहा कि दो दशक के अंतराल के बाद यह प्रक्रिया जरूरी हो गई थी। उन्होंने कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को लेकर बेवजह विवाद पैदा करने का आरोप लगाया।
यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश में 1952 से 2025 के बीच मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण 12 बार किया गया।
इनमें से 10 बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में और केवल दो बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों के कार्यकाल में हुई।
विपक्ष की आलोचना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में इस तरह का कोई पुनरीक्षण नहीं हुआ था, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों की मृत्यु हो गई या वे रोजगार, कारोबार, शादी और अन्य कारणों से दूसरी जगहों पर चले गए। इसलिए मतदाता सूचियों को अद्यतन करना जरूरी हो गया था।
उन्होंने कहा कि लोग एक जिले से दूसरे जिले में और एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में चले गए हैं। इनमें उत्तर से दक्षिण और दक्षिण से पूर्व की ओर जाने वाले लोग भी शामिल हैं।
एसआईआर के बाद मतदाता सूची से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के ‘इंडिया’ गठबंधन के आरोप का जिक्र करते हुए करंदलाजे ने कहा कि निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में इसका स्पष्टीकरण दिया गया है। उन्होंने नाम हटाए जाने के कारण भी गिनाए।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से बताए गए 13 करोड़ मतदाताओं में से 2.8 करोड़ की मृत्यु हो चुकी थी, 6.3 करोड़ अपने पंजीकृत पते से स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए थे, तीन करोड़ का पता नहीं चल पाया और एक करोड़ नाम दोहराव वाले थे।
करंदलाजे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) प्रणाली पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईवीएम की शुरुआत कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी और पार्टी तथा उसके सहयोगी दलों ने इनका इस्तेमाल कर कई चुनाव जीते हैं।
उन्होंने गांधी पर आरोप लगाया कि वह अपनी चिंताओं को संसद में उठाने के बजाय विदेश यात्राओं के दौरान भारत के बारे में नकारात्मक बातें करते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से कथित तौर पर पिछले दो वर्षों के चुनाव रद्द करने किए जाने की मांग का जिक्र करते हुए करंदलाजे ने सवाल किया कि क्या इस कदम का मकसद केरलम में वी डी सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार को गिराना और के सी वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ करना है?
भाषा संतोष नरेश
नरेश