Breaking News

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का जिम्मेदार हैरी बॉक्सर अमेरिका में हिरासत में     |   गाजियाबाद पुलिस चौकी के अंदर धमाका, 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' ने ली जिम्मेदारी     |   दिल्ली में प्रदूषण का असर, कक्षा 5वीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड क्लास का आदेश     |   गुजरात: नवसारी में प्लास्टिक की दुकान में लगी आग     |   होर्मुज के पास ईरान का बड़ा एक्शन! अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा     |  

आरबीआई ने छोटे सेवा निर्यातकों, आयातकों के लिए रिपोर्टिंग नियमों में दी ढील

मुंबई, तीन नवंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को छोटे सेवा निर्यातकों और आयातकों के लिए रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताओं में ढील दी है। इसमें निर्यात घोषणा पत्र दाखिल करने के नियमों को सरल बनाना भी शामिल है।

केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (माल एवं सेवाओं का निर्यात और आयात) विनियमों में संशोधन किया है।

संशोधित नियमों के तहत, सेवाओं का निर्यातक जब अपने खाते में राशि जमा कराने के लिए अधिकृत डीलर को भुगतान प्राप्त होने से जुड़ी जरूरी जानकारी देता है, तो उसका निर्यात घोषणा पत्र (ईडीएफ) दाखिल माना जाएगा।

निवासी व्यक्तियों के अलावा अन्य निर्यातकों के लिए यह सुविधा किसी एक सेवा के बदले 10 लाख रुपये तक या इसके बराबर विदेशी मुद्रा में प्राप्त होने वाले भुगतान पर उपलब्ध होगी।

आरबीआई ने कुछ शर्तों के अधीन सेवा आयात के लिए ‘इम्पोर्ट डेटा प्रोसेसिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ (आईडीपीएमएस) के तहत रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताओं में भी ढील दी है।

संशोधित नियमों के तहत, अधिकृत डीलर बैंकों को सेवा आयात का ब्योरा आईडीपीएमएस में पांच कार्य दिवसों के भीतर दर्ज करना होगा। यह प्रावधान केवल उन मामलों में लागू होगा, जहां आयातक निवासी व्यक्ति नहीं है और चालान या अनुबंध का मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक या इसके बराबर विदेशी मुद्रा में है।

संशोधित नियम एक अक्टूबर, 2026 से प्रभाव से लागू हो गए हैं।

भाषा यासिर अजय

अजय