नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि चिकित्सा संबंधी अवसंरचना को मजबूत करने और राष्ट्रीय राजधानी को बेहतरीन 'मेडिकल हब' बनाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा।
गुप्ता ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता दिल्लीवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना और उन्हें बीमारियों से बचाव प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर बड़े अस्पतालों तक सुविधाओं का विस्तार कर रही है और दिल्ली में 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 29 जन औषधि केंद्र शुरू किए गए हैं।
गुप्ता ने कहा कि अस्पतालों के विस्तार के लिए 503.49 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें 595 से बढ़ाकर 820 और पीजी सीटें 553 से बढ़ाकर 762 की जा रही हैं।
गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप दिल्ली सरकार दिल्ली को वैश्विक चिकित्सा केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा, 'वर्तमान में, दिल्ली सरकार दिल्ली में प्रति 1,000 लोगों पर दो बिस्तर उपलब्ध कराने में सक्षम है, जबकि सरकारी और निजी क्षेत्रों के माध्यम से बिस्तरों की संयुक्त उपलब्धता (प्रति 1000 लोगों पर) लगभग 2.5 है।'
गुप्ता ने यहां एक निजी अस्पताल में नवनिर्मित आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर के उद्घाटन करने बाद कहा कि चिकित्सा संबंधी अवसंरचना को बढ़ाने और डब्ल्यूएचओ के प्रति 1,000 लोगों पर पांच अस्पताल बेड के मानक को हासिल करने के लिए सरकारी और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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