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बीएसएनएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 28.51 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में छह गिरफ्तार

लातूर (महाराष्ट्र), तीन नवंबर (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर में साइबर पुलिस ने 66 वर्षीय सेवानिवृत्त बीएसएनएल कर्मचारी को कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 28.51 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में मध्य प्रदेश से छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को पुलिस, आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया।

एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि आरोपी ने पीड़ित को 122 करोड़ रुपये के धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में शामिल होने और आतंकवादियों से संबंध होने का दावा करते हुए जेल भेजने की धमकी दी थी। आरोपियों ने पीड़ित को सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की चेतावनी भी दी और उसे मानसिक दबाव में रखा।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जालसाजों ने पीड़ित से कथित तौर पर कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्देशों के अनुसार, उसे सत्यापन के लिए अपने बैंक खातों से पैसे भेजने होंगे। उन्होंने अपने दावों को असली दिखाने के लिए ईडी के एक फर्जी पत्र का भी इस्तेमाल किया।

उन्होंने बताया कि धमकियों और झूठे आश्वासनों के झांसे में आकर पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 28,51,999 रुपये भेज दिए।

अधिकारी ने बताया कि शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। तकनीकी जांच और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के अमित शिवनारायण दुबे (40), अनुराग गणेशदत्त मिश्रा (27) और शिवम माधव सिंह ठाकुर (24), दिल्ली के अंकित मानसिंह यादव (32) और कुणाल सिंह नरेंद्र सिंह रावत (30) तथा गुरुग्राम के शिवकुमार नरेंद्र सिंह (30) के रूप में हुई है। ये सभी एक मामले में भोपाल पुलिस की हिरासत में थे।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को एक नवंबर को लातूर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश