नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी 3.0) के तीसरे चरण के लिए क्रियान्वयन दिशानिर्देश जारी किये।
तीसरा चरण 2026-31 के लिए है तथा इसके लिए 565.5 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था की गयी है।
इस कार्यक्रम का मकसद जीआईएस-आधारित डिजिटल फ्रेमवर्क के ज़रिए ज़मीन के रिकॉर्ड, नक्शों, पंजीकरण और उससे जुड़े डाटा को एक साथ लाना है।
दिशानिर्देश जारी करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम व्यक्तिगत रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से आगे बढ़कर एकीकृत भूमि प्रबंधन प्रणाली की ओर बढ़ेगा।
चौहान ने कहा, ‘‘जमीन सिर्फ भूमि का टुकड़ा नहीं है, यह हमारे किसानों का गौरव, हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद और आने वाली पीढ़ियों की पहचान है।’’
भाषा
राजकुमार देवेंद्र
देवेंद्र