कटक, 10 सितंबर (भाषा) ओडिशा उच्च न्यायालय ने दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि इस पद के लिए अन्य मंत्रियों की तुलना में कोई अतिरिक्त अधिकार नहीं मिलता।
मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति चित्तरंजन दास की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।
खंडपीठ ने कहा, ‘‘इस प्रकार वर्तमान जनहित याचिका खारिज की जाती है।’’
एक वकील ने यह याचिका दायर की थी।
उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को निरर्थक जनहित याचिकाएं दायर करने के खिलाफ भी आगाह किया और कहा कि ऐसी याचिकाओं में इसके बजाय उन वंचित लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठाए जाने चाहिए, जिनके मौलिक या संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ हो।
ओडिशा के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने दलील दी कि यह जनहित याचिका न केवल निरर्थक है, बल्कि विषय की उचित जानकारी या शोध के बिना दायर की गई है।
भाषा देवेंद्र राजकुमार
राजकुमार