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मुरादाबाद मंडलीय आयुक्त अदालत में जौहर विश्वविद्यालय मामले की बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो सकी

अमरोहा (उप्र), 10 सितंबर (भाषा) मुरादाबाद में मंडलीय आयुक्त की अदालत के समक्ष जौहर विश्वविद्यालय मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को नहीं हो सकी और अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की।

यह मामला जौहर ट्रस्ट द्वारा रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से 15 जुलाई को जारी उस नोटिस के खिलाफ दायर अपील से संबंधित है, जिसमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 40 इमारतों में से 38 को अवैध घोषित करते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था।

यह अपील 20 जुलाई को मंडलीय आयुक्त की अदालत में दायर की गई थी। अपील की स्वीकार्यता और स्थगन आवेदन पर सुनवाई पहले 28 जुलाई के लिए तय की गई थी।

हालांकि, 28 जुलाई को वकीलों की हड़ताल के कारण तत्कालीन मंडलीय आयुक्त ने मामले की सुनवाई एक दिन पहले 27 जुलाई को की और स्थगन प्रदान किया। अगली सुनवाई तीन अगस्त के लिए तय की गई थी।

तीन अगस्त को, अदालत ने विश्वविद्यालय पक्ष को संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तिथि तय की। दस अगस्त को, जौहर ट्रस्ट ने आरडीए से मास्टर प्लान, जोनल विकास योजना, भवन उपविधियां, विनियम और अन्य संबंधित नियमों के कागजातों की मांग की।

इसके बाद मामले को 13 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया गया। हालांकि, आरडीए ने ट्रस्ट द्वारा मांगे गए दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इसके बाद ट्रस्ट ने प्रस्तुत किया कि भवन मानचित्र लोक निर्माण विभाग और रामपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में उपलब्ध थे और पहले ही सत्यापित किए जा चुके थे।

उसने कहा कि 2008 तक परिसर के 14 भवनों का निर्माण हो चुका था और 2009 में 13 अन्य भवन बनाए गए थे।

मंडलायुक्त ने आवेदन स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तिथि तय की। इस बीच, तत्कालीन मंडलायुक्त का स्थानांतरण कर दिया गया और संगीता सिंह को मुरादाबाद की नई मंडलायुक्त नियुक्त किया गया।

पच्चीस अगस्त को भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत ने 10 सितंबर की तारीख तय की, लेकिन बृहस्पतिवार को भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।

जौहर ट्रस्ट के वकील जुनैद एजाज़ ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया में उनकी ओर से कोई चूक नहीं हुई है और सब कुछ नियमों के अनुसार किया गया है।

एजाज़ ने कहा,“हमें संविधान पर पूरा भरोसा है और हमें विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा।”

रामपुर में स्थित यह विश्वविद्यालय मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित है।

ट्रस्ट की अध्यक्ष निकहत अखलाक हैं, जो जेल में बंद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान की बहन हैं।

खान के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आज़म ट्रस्ट के सचिव हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. तज़ीन फातमा इसके ट्रस्टियों में शामिल हैं।

भाषा सं जफर राजकुमार

राजकुमार