नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के महरौली इलाके में जून में फुटपाथ पर सो रही 10 वर्षीय एक बच्ची का अपहरण करने और उसकी दुष्कर्म करने के बाद हत्या के मामले में पुलिस के आरोप-पत्र से खुलासा हुआ है कि आरोपी कैब चालक लड़की को अगवा करने से पहले इलाके के चक्कर काटता रहा और उसने अपनी दो बुकिंग रद्द कीं।
पुलिस ने बताया कि बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करने और उसकी हत्या करने के बाद उसके शव को छिपाने की जल्दबाजी में कैब चालक एक महत्वपूर्ण सबूत छोड़ गया जो उसका ड्राइविंग लाइसेंस था।
मामले के 1,500 से अधिक पृष्ठों के आरोप-पत्र के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस उस स्थान के पास मिला जहां आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची के शव को फेंका था और उसे तीन बड़ी चट्टानों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी। यह घटना 22 जून को हुई थी।
आरोप-पत्र के अनुसार, आरोपी बासु कुमार सिंह (29) बच्ची का अपहरण करने से लगभग एक घंटे पहले महरौली पहुंचा था और शुरू में उस फुटपाथ के पास से अपनी गाड़ी से गुजरा था जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह दूसरा आरोप-पत्र है, जिसमें पुलिस ने घटनाक्रम को साबित करने के लिए समय के साथ तस्वीरों के जरिए घटनाओं का विस्तृत विवरण पेश किया है। यह 22 अप्रैल के अमर कॉलोनी दुष्कर्म-हत्या मामले के बाद ऐसा दूसरा आरोप-पत्र है। इस मामले में एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की बेटी पीड़िता थी।
आरोप-पत्र के 89 पन्नों में घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें वे सीसीटीवी तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें लड़की के कथित अपहरण से पहले सिंह की कार दिखाई देती है। इसमें फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही बच्ची की तस्वीरें और उस वन क्षेत्र की तस्वीरें भी हैं जहां से बच्ची का शव मिला था।
अधिकारी ने कहा कि मार्ग पुनर्निर्माण का मिलान सीसीटीवी फुटेज और सिंह द्वारा जांचकर्ताओं को दिए गए बयान से किया गया ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि घटनाओं का उनका संस्करण सबूतों के अनुरूप है या नहीं।
‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों’ द्वारा उसकी कार की ली गई तस्वीरों को भी आरोप-पत्र में शामिल किया गया है।
आरोप-पत्र के अनुसार, सिंह ने गुरुग्राम से एक सवारी को संगम विहार छोड़ा था और इसके बाद लगभग ढाई घंटे में उसने दो बुकिंग रद्द कीं।
इस अवधि के दौरान, वह उस इलाके के आसपास घूमता रहा जहां से उसने बाद में बच्ची का अपहरण किया था।
जांचकर्ताओं ने स्थापित किया है कि सिंह अपहरण से लगभग एक घंटे पहले उस फुटपाथ के पास से गाड़ी लेकर गुजरा था जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।
पुलिस ने कहा कि सिंह वापस लौटा और सुबह करीब 4.15 बजे बच्ची का अपहरण कर लिया। कार की तरफ ले जाए जाने के बाद बच्ची मदद के लिए चिल्लाई, जिससे उसका पिता उठ गया और उसने थोड़ी दूर गाड़ी का पीछा किया लेकिन उसे पकड़ नहीं सका।
आरोप-पत्र में कहा गया है कि मंडी गांव के पास वाहन के अंदर बच्ची का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया, जिसके बाद सिंह कार को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर ले गया जहां उसने बच्ची की कथित तौर पर हत्या कर दी और एक वन क्षेत्र में उसके शव को छिपा दिया।
आरोप-पत्र के अनुसार, मौत का कारण गला घोंटना पाया गया। सिंह ने बच्ची का कथित तौर पर गला घोंटने के लिए गमछे का इस्तेमाल किया, जिसे बाद में अपराध स्थल से बरामद किया गया।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि उसने बच्ची के चेहरे पर पत्थर से वार किया, जिससे उसके दांत टूट गए।
पुलिस ने कहा है कि सिंह को अपराध के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था।
अधिकारी के अनुसार, आरोप-पत्र में इलेक्ट्रॉनिक, भौतिक, गवाह और जैविक साक्ष्यों को शामिल किया गया है जिससे विभिन्न पहलू एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं।
अमर कॉलोनी मामले में, दिल्ली पुलिस ने एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी पूर्व घरेलू सहायक राहुल मीणा के खिलाफ 973 पृष्ठों का आरोप-पत्र दाखिल किया था।
भाषा नोमान नोमान देवेंद्र
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