Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

सील अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत, संचालक के खिलाफ प्राथमिकी की तैयारी

मऊ, 10 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रतनपुरा ब्लॉक में सील एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को दोबारा सील कर दिया है। विभाग अस्पताल संचालक के खिलाफ फिर से प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इंद्रजीत अस्पताल को नवंबर 2025 में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में सील किया गया था।

यह मामला तब सामने आया, जब बलिया जिले के तरगौली गांव निवासी अजीत राजभर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी गर्भवती पत्नी सरिता का आठ सितंबर को रतनपुरा स्थित इंद्रजीत अस्पताल में इलाज कराया गया था।

शिकायत के मुताबिक, गांव की एक आशा कार्यकर्ता ने राजभर को पत्नी को अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। अस्पताल के चिकित्सक हिमांशु यादव ने कथित तौर पर परिवार को महिला की हालत गंभीर बताते हुए ऑपरेशन कराने की सलाह दी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई और सरिता का रक्तस्राव जारी रहा। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों ने कथित तौर पर इलाज जारी रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजभर अपनी पत्नी को मऊ के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। वाराणसी के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज राय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर वर्ष 2025 में इंद्रजीत अस्पताल को सील किया गया था। यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी की मौजूदगी में गठित टीम ने की थी। उस समय भी अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही की बात सामने आई थी।

उन्होंने बताया कि अस्पताल का मुख्य ताला लगा हुआ था, लेकिन पीछे के रास्ते से इसे फिर संचालित किया जा रहा था।

सीएमओ के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद उप जिलाधिकारी से बातचीत कर अधीक्षक की टीम ने नौ सितंबर को अस्पताल को दोबारा सील कर दिया। अस्पताल संचालक के खिलाफ थाने में शिकायत भी दी गई है और प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।

भाषा

सं, जफर रवि कांत