दुर्ग, 10 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को छह वर्ष की एक बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के जुर्म में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने इस मामले को “विरलतम से विरलतम” मामलों में एक' माना।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग के अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ, विशेष न्यायालय (पॉक्सो) अनीश दुबे की अदालत ने आरोपी व्यक्ति को 'बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण' अधिनियम, 2012 और 'भारतीय न्याय संहिता' (बीएनएस) की धारा 103(1) और अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
उन्होंने बताया कि अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा छह(1) और बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अभियुक्त को मौत की सज़ा सुनाई है। दोनों धाराओं के तहत पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को बीएनएस की धारा 238(ए) के तहत पांच साल की कठोर कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश के अनुसार सजाएं एक साथ चलेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष छह अप्रैल को मोहन नगर थानाक्षेत्र में एक बालिका के लापता होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस दलों ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया।
अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान, बच्ची सड़क किनारे खड़े एक वाहन में अचेत अवस्था में मिली जिसके बाद पुलिस दल ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पोस्टमार्टम एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि हत्या से पहले बच्ची का यौन शोषण किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार कुछ समय बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया तथा बाद में उसके बयान के आधार पर अन्य सामान बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला कि बच्ची नवरात्र के दौरान पड़ोस में अपनी दादी के घर कन्या भोजन के लिए गई थी, तब उसके 24 वर्षीय चाचा ने उसके साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या कर शव को पड़ोसी की कार में रख दिया।
इस घटना के बाद पुलिस ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।
भाषा सं संजीव राजकुमार
राजकुमार